जब रवीना टंडन का सम्बन्ध अपने सगे भाई के साथ होने का चर्चा होने लगा, रात भर रोया करती थी रवीना

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रवीना टंडन ने अपने एक इंटरव्यू में ये बताया मीडिया द्वारा उनका संबंध उनके सगे भाई संग जोड़ दिया गया, इस घटना से एक्ट्रेस पूरी तरह आत्मा से टूट गई थीं। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री रवीना टंडन ने अपनी फिल्मों और अपने अंदाज, अपनी अदा से हिंदी सिनेमा जगत में अपनी बेमिसाल पहचान बनाई है। रवीना टंडन की पहली फिल्म सलमान खान के साथ फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से हिंदी फिल्म जगत में कदम रखा था। इसके बाद ही वह कई सुपरहिट फिल्मों में भी नजर आईं। लेकिन एक समय रवीना की जीवन में ऐसा भी आया था, जब उन्हें और उनके सहायक कलाकारों को लेकर काफी चर्चे होते थे, बातें बनाई जाती थीं। केवल इतना ही नहीं, एक दफा तो उनका नाम, उनका संबंध उनके सगे भाई संग भी जोड़ दिया गया। इस बात को प्रकट खुद अभिनेत्री ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में किया।

रवीना टंडन ने अपने साक्षात्कार में बताया कि रवीना अपने सहायक कलाकारों के साथ बिल्कुल अपने दोस्तों और अपनों तरह व्यवहार किया करती थीं। लेकिन कुछ मैगजीन के संपादक इस बात को स्वीकारा नहीं करते थे। फिल्म कंपेनियन से इंटरव्यू करते हुए रवीना टंडन ने बोला, “मुझे आज भी वो रातें याद हैं जब मुझे बस नींद नहीं आती थी, इस घटना ने मेरे नींद उड़ा दिए थे और मैं सोने के लिए रोया करती थी।”

Raveena Tandon Talks
Ravina Tandon

रवीना टंडन ने इस घटना के बारे में आगे बात करते हुए कहती हैं “गॉसिप वाले संक्षिप्त बातें मुझे पूरी तरह से अंदर से तोड़ कर रख देते थे। ये सारे शब्द मेरी विश्वसनीयता, मेरी आत्मीयता, मेरी पहचान और मेरे माता-पिता को भी समस्या, मसले में डाल देते थे। मैं हैरान हो कर ये सोचती थी कि आखिर क्या है ये सब?” रवीना टंडन ने इस किस्से को जो उनके भाई संग जुड़ी थी, साक्षात्कार के दौरान, उन्होंने यह भी साझा किया।

अभिनेत्री ने इस बारे में और भी बात करते हुए ये कहा, “मीडिया ने मेरा सम्बंध मेरे सगे भाई साथ भी जोड़ दिया था। यहां तक कि कुछ सितारों ने भी ये ओछी चीजें लिखी थीं। उन्होंने ये लिखा था, ‘एक सुन्दर और गोरा लड़का, जो रवीना टंडन को रोज छोड़ने आया करता है। हमने रवीना टंडन का बॉयफ्रेंड को खोज निकाला है।’ इन बातों पर सफाई कब तक दी जाये? और क्यूँ दे?” जब मैं ऐसी हूं नही ऐसा कुछ किया नहीं।

रवीना टंडन ने इसे एक मुद्दे के रूप में बात करते हुए आगे कहा, “हम इन सभी निचला सोच के बीच जी चुके हैं। कौन इन्हें बार-बार स्पष्ट करेगा, अपनी सफाई पेश करेगा। यहां तक कि अगर आप किसी को ‘नमस्कार’ भी कहेगे तो लोगों की सोच जैसी होगी वैसा वो सोचेंगे भी, उन्हें ऐसा लगता है कि चलो इसे और नमक लगा कर और ही फैलाया जाये, उन्हें लोगों की भावनाओं से, इज़्ज़त से खिलवाड़ मनोरंजन का साधन लगता है।

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