सोनू सूद ने बचा ली 8 साल के बच्चे की जान, रोहित के दिल का ऑपरेशन करवाया मुम्बई में

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बीतें हुए कुछ समय में हम सभी ने बहुत कुछ देखा, अपनों को खोया, अपनों की कीमत समझी इस कोरोना काल में आम लोगों ने बहुत कुछ देखा और इस समय लोगो के लिए एक मसीहा बन कर उभरे एक्टर सोनू सूद।अभिनेता सोनू सूद न सिर्फ फिल्मों में हीरो है बल्कि उन्होंने रियल जिंदगी में भी हीरो की भूमिका निभाई है। वैसे तो ज्यादातर फिल्मों में सोनू विलेन की भूमिका निभाई है। पर हकीकत में सोनू ने औरंगाबाद जिले के आठ साल के एक बच्चे की जान बचाई है। एक्टर सोनू सूद की मदद से बच्चे के दिल के छेद का सफल ऑपरेशन हो गया। अब बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है। सोनू की इस सहायता से रोहित के परिवार वालों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है और पूरा परिवार सोनू सूद को दुआएं दे रहा है।

Rohit Kumar

मालूम हो कि औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत मई गांव निवासी प्रदीप शर्मा के आठ साल के बेटे रोहित रंजन का ऑपरेशन जेराबाई वाडिया हॉस्पिटल ग्रेटर मुंबई में हुआ। उक्त बच्चे की दिल में बचपन से ही छेद था। इसका पता उसके माता-पिता को पांच साल पहले चला, जिसके बाद उन्होंने पटना, रायपुर से लेकर कई बड़े-बड़े क्लीनिकों में इलाज के लिए ले गए, लेकिन ठीक नहीं हुआ। आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं होने से वे प्राइवेट क्लीनिक में नहीं ले जा रहे थे, लेकिन इसकी जानकारी जैसे ही बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को लगी तो उन्होंने अपने खर्चे पर ग्रेटर मुंबई के जेराबाई वाडिया हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया।

Sonu Sood

एक्टर सोनू सूद को बच्चे के बीमारी की जानकारी ट्विटर के माध्यम से मिली थी। जानकारी मिलते ही वह मदद के लिए आगे आए और इलाज करवाया। बता दें कि बदोपुर निवासी इंजीनियर प्रदीप कुमार प्रजाति को रोहित के माता-पिता ने बीमारी से अवगत कराया। प्रदीप ने ट्विटर के जरिए एक्टर सोनू सूद को गरीबों का मसीहा बताया। ट्वीट पर सोनू सूद ने रिप्लाई किया और लिखा- भरोसा टूटेगा नहीं दोस्त। फोन पर उनके मैनेजर गोविंद अग्रवाल को भी सूचना दी गई थी।

Sonu Sood

सूचना मिलने पर सोनू सूद एवं उनके टीम द्वारा बेहतर सर्जरी के लिए जेराबाई वाडिया हॉस्पिटल ग्रेटर मुंबई में व्यवस्था की गई। जहां रोहित रंजन के दिल के छेद की सर्जरी की गई। इसके बाद बच्चे को पांच दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बाद 27 नवंबर को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इससे पहले सोनू सूद ने बदोपुर निवासी धर्मेंद्र पासवान के पैर का इलाज बिरक हॉस्पिटल करनाल में करवाया था। वहीं, अवधेश पासवान को घर चलाने के लिए ई-रिक्शा दे चुके हैं। बता दें बिहार के 50 से अधिक लोगों को सोनू सूद रोजगार के लिए साधन उपलब्ध करा चुके हैं। इसके अलावा पहले लॉकडाउन के दौरान लाखों बिहारियों को मुंबई और अन्य प्रदेशों से बिहार उनके गांव-घर पहुंचवाया था।

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