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कानपुर के लिए लिस्ट जारी सोनिया ने दी इस महिला नेता को टिकट !

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विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी की कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देर रात लिस्ट जारी कर दी। कानपुर के गोविंद नगर से छात्र नेता करिश्मा ठाकुर को चुनाव के मैदान में उतारा गया है। पूर्व विधायक अजय कपूर की गरीब नेता ठाकुर पिछले एक साथ से शहर में ढेरा जमाए थीं | केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन में भाग लेती थीं।

झूठ के सपनें दिखाने वालों की हार

करिश्मा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने देर शाम को प्रेस रिलीज जारी की। जिसमें करिश्मा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा की। उनके प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा से कानपुर में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। करिश्मा काफी दिनों से गोविंदनगर विधान सभा एरिया में जमकर मेहनत कर रही थीं। टिकट मिलने पर करिश्मा ने कहा कि जनता के आर्शीवाद से कांग्रेस की जीत होगी और झूठ के सपनें दिखाने वालों की हार होना तय हैं।

मुख्यधारा की राजनीति में यह पहला कदम

करिश्मा ठाकुर वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की राष्ट्रीय महासचिव हैं। इनके उनके पिता राजेश सिंह क्राइस्ट चर्च डिग्री कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सरसौल विधानसभा और बसपा के टिकट पर कन्नौज सीट से लोकसभा का भी चुनाव लड़ा। करिश्मा ने 2013 में एनएसयूआई के समर्थन से दिल्ली छात्रसंघ का चुनाव लड़ा। एनएसयूआई की इकलौती विजेता प्रत्याशी के रूप में वह महासचिव चुनी गईं। वह छह साल तक दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में सक्रिय रहीं। इस दौरान उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। छात्र राजनीति के बाद मुख्यधारा की राजनीति में यह उनका पहला कदम होगा।

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पार्टी ने युवा और महिला को टिकट दिया

करिश्मा ठाकुर को पूर्व विधायक अजय कूपर का करीबी बताया जाता है। 10 सितंबर को गोविंद नगर उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों की दावेदारी परखने एमएलसी अजय कुमार के साथ रोहित चैधरी शहर आए थे और पूर्व विधायक के साथ बैठक कर ठाकुर के नाम पर मुहर लगा दी थी। टिकट मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए करिश्मा ने कहा कि पार्टी और प्रियंका गांधी के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश होगी। पार्टी ने युवा और महिला को टिकट दिया है। वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण सबसे ज्यादा युवा और महिलाएं ही परेशान हैं। यह चुनाव न तो सरकार बनाने के लिए है न गिराने के लिए।

एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा

किसी समय एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा के रूप में चर्चित गोविंद नगर विधानसभा में 2017 के चुनाव में भाजपा के सत्यदेव पचैरी विधायक चुने गए थे। गोविन्द नगर विधान सभा हमेशा ही कानपुर की सबसे महत्वपूर्ण विधान सभा रही है। 1967 से लेकर 2017 तक के चुनाव में 1967, 1969, 1980, 1985, 2000 और 2007 में विधानसभा में कांग्रेस का कब्जा रहा, जबकि 1989, 1991, 1993, 1996 2012 और 2017 के चुनाव में इस सीट से भाजपा काबिज रही। सन 1974 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और 1970 में जनता पार्टी ने यहाँ से चुनाव जीता था।

सभी दलों की निगाहें

गोविंदनगर में करीब 3 लाख 49 हजार 3 सौ 42 मतदाता हैं। जिसमें 1 लाख 60 हजार ब्राम्हण वोटर्स हैं। अनुसूचित जाति 50 हजार, पिछड़े वर्ग के 41 हजार, 21 हजार पंजाबी, 19 हजार, मुस्लिम मतदाता हैं। जबकि क्षत्रिय 13 हजार, वैष्य 9 हजार, सिंधी 14 हजार, अन्य 12 हजार 3 सौ 42 मतदाता हैं। ऐसे में सभी दलों की निगाहें यहां के सबसे अधिक मतदाता 1 लाख 60 हजार ब्राम्हण पर है। बसपा ने ब्राम्हण चेहरा देवीप्रसाद को चुनाव के मैदान में उतार दिया है तो भाजपा भी इसी समाज के नेता को कमल का सिंबल दे सकती है, जबकि अखिलेश यादव की साइकिल की हैंडिल एक कांग्रेसी ब्राम्हण नेता थाम सकते हैं।

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