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थक सा गया शाहीन बाग,अब धरना समाप्त करने के लिए तलाशा जा रहा है सम्मानजनक रास्ता..

पिछले कई दिनों से शाहीन बाग में धरना प्रदर्शन चल रहा था,नागरिकता संशोधन सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में पिछले लगभग दो महीनों से यह धरना प्रदर्शन चल रहा था,लेकिन अब यह प्रदर्शन समाप्त हो गया है। पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे लोगों की संख्या बहुत तेजी से घट गई है, लोग बस कोई सम्मानजनक स्थिति में अपने धरने को समाप्त करना चाहते हैं.

पिछले कई दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि रविवार को शाहीन बाग से करीब 5 हजार लोगों केंद्रीय मंत्री से मिलने जाएंगे,लेकिन मुश्किल से 300 से 400 लोग ही यहां इकट्ठा हो पाए,यहां कुछ भीड़ ही नहीं लगी, इस धरने से लोगों का काम धंधा चौपट हो गया है.

पिछले 2 महीनों से जितने भी शोरूम है सब बंद पड़े हैं इस धरने से लोगों का बहुत नुकसान हुआ है, उनका काम धंधा सब चौपट हो चुका है, और धरना स्थल के आसपास सबसे ज्यादा बड़े -बड़े ब्रांडों के शोरूम में भी हैं जो पिछले 2 महीनों से बंद पड़े है, कालिंदी कुंज से जामिया नगर थाने जाने वाले मार्ग बंद होने से सैकड़ों दुकानें भी बंदी की कगार पर पहुंच चुकी है.

2 महीनों से रास्ता बंद :- पिछले दो महीनों से रास्ता बंद होने के कारण शाहीन बाग के लोगों को नोएडा, फरीदाबाद, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में आने-जाने मे परेशानियां हो रही हैं, हालत यह है कि तमाम भावुक अपीलों, लाउडस्पीकर पूरे शाहीन बाग जामिया नगर और जाकिर नगर आदि इलाकों में प्रचार के बावजूद मुश्किल से 200 से 300 लोग ही जुड़े।

जामिया नगर से भी गायब हो रही है धीरे-धीरे भीड़:- जामिया मिल्लियां इस्लामिया के सामने चल रहे धरने से सभी लोग गायब होते जा रहे हैं,10 फरवरी को जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने संसद तक के लिए मार्च निकाला था, लेकिन मार्च में बीच में फूट पड़ गई और ज्यादातर लोग मार्च से वापस चले गए। अब नेताओं ने भी अपना मुंह मोड़ लिया है:- विधानसभा चुनाव से पूर्व पर्दे के पीछे मदद करने वाले नेताओं ने भी अब अपना मुंह मोड़ लिया है.

लगातार धरना दे रहे लोग चाहते हैं कि किसी तरह सम्मान बना रहे और यही कारण है कि अभी तक प्रधानमंत्री को धरना स्थल को बुलाने की जिद पकड़ कर बैठे लोग गृह मंत्री से मिलने के लिए खुद ही निकल पड़े हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया, धरना पर बैठे लोग चाहते हैं कि उन्हें ऊपर कोई आश्वासन मिल जाए तो वे धरना समाप्त कर दें, इससे उनकी इज्जत भी बच जाएगी और धरना समाप्त भी हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह से अनुमति न मिलने के चलते टालना पड़ा पैदल मार्च:- अमित शाह शाहीन बाग से पैदल मार्च निकालकर गृह मंत्री से मिलने जा रहे हैं प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने अनुमति नहीं दी जिससे कारण पैदल मार्च को टालना पड़ा दोपहर करीब 3:00 बजे 4 बुजुर्ग दादी धरने में शामिल कुछ बुजुर्ग अधिवक्ता पुलिस अफसरों से के पास बातचीत करने पहुंचे, पुलिस से अनुमति के लिए उनका प्रार्थना पत्र मुख्यालय भेजने की बात उन्हें बताई इसके बाद से वह वापस लौट आए।

पुलिस अफसरों ने कहा बगैर अनुमति वाह आगे नहीं जाने देंगे:’ लोगों का दोपहर 2:00 बजे पैदल मार्च निकालकर अमित शाह से मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया था, शनिवार रात करीब 3:00 बजे शाहीन बाग थाने में प्रदर्शनकारियों ने पत्र देकर 5000 प्रदर्शनकारियों के पैदल मार्च निकालते हुए गृह मंत्री से मिलने की अनुमति मांगी थी.

रविवार दोपहर 2:00 बजे काफी संख्या में प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारी मौके पर एकत्र भी हो गए थे, करीब ढाई बजे प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ बुजुर्ग पुलिस अफसरों से बात करने के लिए आगे आए लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बगैर अनुमति के आगे नहीं जाने देंगे, आगे बताया कि उनके प्रार्थना पत्र को पुलिस मुख्यालय में भेज दिया गया है और वहां से अनुमति मिलने के बाद ही वह वापस उन्हें आगे जाने देंगे, लेकिन अभी कोई भी प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ेगा।

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