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SBI Wecare FD vs LIC Pension Scheme: जानिए कहां मिलेगा सबसे ज्यादा ब्याज और टैक्स छूट का लाभ | business – News in Hindi

सीनियर सिटिजंस के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) और मंथली पेंशन स्कीम्स दो सबसे पॉपुलर इन्वे​स्टम विकल्प माने जाते हैं. हाल ही में देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने सीनियर सिटिजंस के​ लिए SBI Wecare नाम से एफडी स्कीम लॉन्च किया था. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने भी प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना (PMVVY) में कुछ बदलाव किया है. 2017 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लॉन्च किए गए इस स्कीम पर वित्त वर्ष 2020-21 में फिक्स्ड दर पर ब्याज मिलेगा. हालांकि, बीते कुछ महीनों में ब्याज दरों में बड़ी गिरावट आई है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि पीएमवीवीवाई या एसबीआई वीकेयर पर ज्यादा ब्याज मिल रहा है. रेगुलर कमाई के लिहाज से कौन सा स्कीम सबसे बेहतर है.

SBI Wecare फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के इस स्पेशल एफडी (SBI Speial FD) स्कीम का लाभ 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटिजंस को मिलेगा. वर्तमान में इस पर 6.2 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है, जोकि सरकारी पेंशन स्कीम की तुलना में कम है. इस पर अतिरिक्त टैक्स छूट का भी लाभ नहीं मिलता है. इस स्कीम में न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल के​ निवेश किया जा सकता है.

अगर कोई व्यक्ति इस स्कीम की मैच्योरिटी के पहले विड्रॉल का विकल्प चुनता है तो उन्हें 5.8 फीसदी की दर से ही ब्याज मिलेगा. सीनियर सिटिजंस के पास 31 दिसंबर 2020 तक इस स्कीम में निवेश करने का मौका है.यह भी पढ़ें: SBI ने करोड़ों ग्राहकों के लिए जारी किया अलर्ट, नहीं दिया ध्यान तो हो सकता है भारी नुकसान

प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना
इस स्कीम का लाभ 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिक ले सकते हैं. इस स्कीम में एंट्री ऐज नहीं है. इस पेंशन स्कीम की पॉलिसी का लाभ 10 साल तक का होता है और पेंशनर को मासिक, तिमाही, छमाही और सालाना पेंशन का विकल्प चुन सकते हैं. एसबीआई की तुलना में इस स्कीम पर ब्याज दर ज्यादा है. प्रधानमंत्री व्यय वंदना योजना पर 7.40 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है.

PMVVY को LIC से ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से खरीदा जा सकता है. सीनियर सिटिजंस को इस स्कीम के तहत न्यूनतम हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन मिलेगी. हर महीने इस स्कीम के तहत अधिकतम 9,250 रुपये का पेंशन प्राप्त किया जा सकता है.

इस स्कीम में 15 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है. मिनिमम इन्वेस्टमेंट की लिमिट को भी रिवाइज किया गया है. हर साल 12,000 रुपये का पेंशन प्राप्त करने के लिए इस स्कीम में 1,56,658 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा.

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इस स्कीम में प्रीमैच्योर विड्रॉल पति/पत्नी की गंभीर बीमारी की सूरत में अनुमति है. ऐसी स्थिति में 98 फीसदी रकम रिटर्न किया जाता है. इस स्कीम में 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स छूट मिलता है. यह टैक्स इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत मिलता है.


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