Saubhagya Sundari Vrat : सुहागिनें आज रखेंगी सौभाग्य सुंदरी व्रत, इन मंत्रों के जाप से हर मनोकामना होगी पूरी

मार्गशीर्ष के महीने में सौभाग्य सुंदरी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन महिलाएं शाश्वत सौभाग्य और सुंदरता प्राप्त करने के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं। इस साल यह व्रत 11 नवंबर 2022, शुक्रवार को पड़ रहा है। इस व्रत को करते समय पूजा के दौरान संबंधित व्रत कथा को अवश्य पढ़ना चाहिए।

Saubhagya Sundari Vrat
इन मंत्रों के जाप से हर मनोकामना होगी पूरी

व्रत कि कथा

एक बार माता सती ने अपने पिता की बात सुनकर और भगवान शिव का अपमान करने के बाद अपना शरीर त्याग दिया। अपने शरीर को त्यागते हुए, उसने अपने पिता से वादा किया कि वह हर जन्म में हमेशा भगवान शिव की पत्नी के रूप में वापस आएगी। इसके बाद उन्होंने अपना अगला जन्म माता पार्वती के रूप में लिया। इस जन्म में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से सौभाग्य सुंदरी व्रत की परंपरा चली आ रही है

व्रत का महत्व

विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत करवा चौथ के समान है और इस दिन वे 16 श्रृंगार करती हैं। यह व्रत संतान के सुख-समृद्धि तथा घर में सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से लोगों को मंगल दोष से मुक्ति मिलती है और सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं कुछ विशेष मंत्रों का जाप करें तो जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है और आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है।

मंत्र – माता पार्वती देवी पिता देवा महेश्वर: बान्धवा: शिवभक्ताश्च, स्वदेशो भुवनत्रयम ॥- ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी सकलस्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः॥