पीएम मोदी ने कहा: ‘आलोचकों की होती है कमी महसूस’, लोगों ने कहा: ‘एक बार रवीश कुमार को इंटरव्यू…’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह अपने आलोचकों का बहुत ही ज्यादा इज्जत करते हैं. कई बार तो उन्हें इनकी भी कमी महसूस होती है.

ओपन पत्रिका को दिए गए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन से जुड़े कई पहलुओं और अपनी निजी जीवन यात्रा पर अपनी बात रखी थी.‘उन्होंने बताया की , ‘मैं महसूस करता हूं और मेरी धारणा भी है। मैं अपने स्वस्थ विकास के लिए बहुत ही खुले मन से आलोचनाओं को बहुत महत्व देता हूं। मैं ईमानदारी से आलोचकों का बहुत सम्मान करता हूं। लेकिन, दुर्भाग्यवश आलोचकों की संख्या बहुत कम है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचना और आरोप का अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि
‘ज्यादातर लोग सिर्फ आरोप लगाते हैं.जो लोग धारणा के आधार पर खेल करने का प्रयास करते हैं, उनकी संख्या बहुत ज्यादा है.जबकि आलोचना के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है.उस बारे में अध्ययन करना पड़ता है. लेकिन, आज की तेजी से भागती दुनिया में लोगों के पास इसके लिए फुर्सत नहीं है. लिहाजा, कभी-कभार मैं आलोचकों की कमी भी महसूस करता हूं।’

अक्सर विपक्षी दल और कार्यकर्ताओं का कुछ समूह प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाता है कि वह अपने आलोचकों से बदले की भावना में काम करते हैं.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक कैरियर गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ शुरू किया. शुरुआत में उनका झुकाव राजनीति के तरफ बिल्कुल भी नहीं था उनका काम सिर्फ जनता की सेवा करना था लेकिन धीरे धीरे उन्हें राजनीति में इंटरेस्ट होने लगा.

प्रधानमंत्री ने कहा , ‘जहां तक राजनीति की बात है, दूर-दूर तक मेरा इससे कोई नाता नहीं था. बहुत बाद में परिस्थितिवश और कुछ मित्रों के कहने पर मैं राजनीति से जुड़ा. वहां भी मैं संगठन कार्यों में मशगूल रहा.

उन्होंने बताया , ‘इसलिए जीवन स्तर ऊंचा कर लोगों को सशक्त करना उन्हें बहुत प्रेरित करता है। यह महत्वपूर्ण है कि हर युवा को मौका मिले और जब मैं मौकों की बात करता हूं तो मेरा मकसद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का होता है ताकि वो अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकें और सम्मान का जीवन जी सकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस इंटरव्यू में दिए गए अपने स्टेटमेंट के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह के बयान दे रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि अगर मोदी जी को अपने आलोचकों की कमी दिख रही है तो वह एक बार रवीश कुमार का न्यूज़ देख ले.

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