Advertisement
Categories: Politics

‘शायद मोदी सरकार ये नहीं जानती कि इस बार उनका पाला हिंदुस्तान की औरतों से पड़ा है’

Advertisement

जिस तरह से देश में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन होते आ रहे हैं जिसकी सबसे खास बात यह बताई जा रही है कि इस विरोध में महिलाएं और लड़कियां खास करके हिस्सा ले रही है जिस कारण से यह विरोध और भी आगे जा रहा है। वही देश में इसकी सबसे बड़ी मिसाल दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे महिला प्रदर्शन को कहा जा सकता है।

आपको बता दें कि नोएडा, दिल्ली और फरीदाबाद को आपस में जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर महिलाओं का यह आंदोलन 15 दिसंबर 2019 से ही चल रहा है जिस दिन दिल्ली पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया मे घुसकर लाठी चार्ज की थी।

जब प्रदर्शन कर रही एक महिला शहनाज से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मोदी जी ने हमें हमारे घर से निकालने की तैयारी पहले ही कर ली है अब हम सड़क पर ही तो आ चुके हैं। ऐसे में सड़क पर ना बैठे तो कहां बैठे।

वही एक और युवती ने इस बारे में बताया कि मोदी जी को सीएए वापस लेना होगा वरना हम इसके लिए चाहे मर मिट भी जाएंगे, लेकिन हम यहां से नहीं हिलेंगे।

वहीं महिलाओं की एक अलग समूह का कहना है कि सरकार अपनी जिद्द दिखाएंगी और हम अपनी जिद्द दिखायेंगे लेकिन हम किसी तरह का कोई कागज नहीं दिखाएंगे और हमारे पास होंगे तो भी नहीं दिखाएंगे।

आपको यह जानकर शायद आश्चर्य होगा कि इन प्रदर्शन कर रही महिलाओं में सबसे ज्यादा संख्या गृहणी यों की है, जिन से पूछा गया तो उन्होंने यह बताया कि वह सुबह शाम कैसे अपने घर के कामों को निपटाती है और फिर यहां विरोध करने को मुस्तैद रहती है।

Advertisement
Leave a Comment

Recent Posts

Advertisement

This website uses cookies.