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NEFT, RTGS और IMPS में से कौन सा ऑप्शन पैसों के लेन-देने में आपके लिए है बेस्ट, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) का विस्तार तेजी से हो रहा है. कोरोना वायरस (Corona virus) की वजह से लगे लंबे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण इसके चलन में और तेजी आई है. इस कड़ी में ऑनलाइन फंड ट्रांसफर (Online Fund Transfer) में इजाफा हो रहा है. बैंक के ग्राहक इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिए एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और आईएमपीएस (IMPS) जैसे तीन पेमेंट मोड के माध्यम से पैसों का लेनदेन (Fund Transfer) कर सकते हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं.

NEFT
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) एक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड है. इसमें एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसों का लेनदेन किया जाता है. इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही बैंक जाकर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. NEFT के जरिए कुछ ही समय में फंड ट्रांसफर हो जाता है. इसमें फंड ट्रांसफर के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है. लेकिन ब्रांच से NEFT कराने की प्रकिया में शुल्क देना होता है. यह सुविधा 24X7 चालू रहती है.

RTGSरियल टाइम ग्रोस स्टोरी (RTGS) फंड ट्रांसफर करने का दूसरा इलेक्ट्रॉनिक तरीका है. यह एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने का सबसे फास्ट मोड है. लेकिन एक ही बैंक में एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में RTGS के जरिए फंड ट्रांसफर नहीं किया जा सकता. इसमें फंड ट्रांसफर की कम से कम सीमा दो लाख रुपये हैं. RTGS मोटी रकम ट्रांसफर करने वाला मोड है. इसमें भी किसी तरह का फंड ट्रांसफर शुल्क नहीं हैं. लेकिन ब्रांच में RTGS से फंड ट्रांसफर कराने पर शुल्क देना होगा.

IMPS
इमिडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) रियल टाइम के आधार पर पैसों का हस्तांतरण करने और फंड मंगाने में सुविधाजनक है. यह इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल की मदद से इंटर बैंक ट्रांजेक्शन की सुविधा देता है.

NEFT 24X7 उपलब्ध होने पर IMPS का उपयोग क्यों करें?
IMPS पेमेंट मोड में रियल टाइम के आधार पर पैसों का हस्तांतरण जल्द हो जाता है. यह 2 लाख रुपये तक और छोटे मूल्य के ऑनलाइन लेनदेन के लिए उपयुक्त है. जबकि NEFT मोड में हर आधे घंटे में फंड ट्रांसफर बैचों में होता है, यह सुविधा इंस्टेंट और रियल टाइम पर आधारित नहीं है. यदि लाभार्थी को तुरंत राशि की आवश्यकता नहीं है तो फंड ट्रांसफर करने के लिए इस पेमेंट मोड का उपयोग कर सकते हैं.

RTGS और NEFT की सेवा पर आवश्यक जानकारी
इन दोनों पेमेंट मोड में कुछ जानकारी मांगी जाती है जो इस प्रकार है. इसमें हस्तांतरित की जाने वाली राशि, लाभार्थी ग्राहक का खाता नंबर, लाभार्थी बैंक और शाखा का नाम, लाभार्थी का नाम और लाभार्थी बैंक शाखा का IFSC कोड आवश्यक होता है.

एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यदि NEFT/ RTGS/ IMPS के माध्यम से ट्रांसफर करते समय बैंक खाते से पैसा डेबिट हो गया, लेकिन लाभार्थी खाते को अभी तक पैसा क्रेडिट नहीं हुआ तो क्या पैसे वापस मिलेंगे? इसका जवाब है- हां. यदि किसी कारणवश लाभार्थी के बैंक अकाउंट में इन तीनों माध्यम में से किसी एक से भी पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ है तो बैंक एक घंटे के भीतर ट्रांसफर की गई रकम को बैंक को वापस कर देगा. एक बार राशि बैंक द्वारा प्राप्त हो जाने के बाद, यह राशि बैंक द्वारा आपके खाते में वापस डाल दी जाएगी.


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