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MP हनुमान बेनीवाल ने की गहलोत और राजे के नार्को टेस्ट की मांग, लगाये गंभीर आरोप, जानिये क्यों

बेनीवाल ने लिखा कि हाल ही में राजस्थान में जब कांग्रेस पार्टी की आपसी लड़ाई से सियासी संकट आया उसमें वसुंधरा राजे ने बीजेपी का पक्ष लेने की बजाय गहलोत सरकार को बचाने में पूरी मदद की.

जयपुर. अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक एवं नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने अब सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ( Ashok Gehlot and Vasundhara Raj) पर गठजोड़ का आरोप लगाते हुए दोनों का नार्को टेस्ट (Narco test) करवाने की मांग कर डाली है. बेनीवाल ने शुक्रवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर गहलोत और वसुंधरा राजे पर ताबड़तोड़ निशाना साधा.

बेनीवाल ने आरोप लगाया कि दोनों ने एक- दूसरे के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला है और जनता इस गठजोड़ से पिछले 22 साल से त्रस्त है. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से दोनों का नार्को टेस्ट करवाए जाने की मांग की. बेनीवाल एनडीए में रहते हुए भी वसुंधरा राजे पर लगातार हमला बोलते रहे हैं. अब गहलोत सरकार के दो साल पूरे होने पर उन्होंने फिर से अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे पर गठजोड़ का आरोप जड़ दिया है. बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा कि जनहित में दोनों के गठजोड़ की सच्चाई सामने आनी चाहिए.

वसुंधरा राजे की चुप्पी पर उठाए सवाल
हनुमान बेनीवाल ने अपने ट्वीट्स के जरिए पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा कि 2 वर्षों से प्रदेश में अपराध चरम पर है और महिला अपराधों से राजस्थान को शर्मसार होना पड़ा है. इसके बावजूद वसुंधरा राजे का कोई बयान तक नहीं आया. बेनीवाल ने यह भी लिखा कि कांग्रेस की तरफ से जब भी बीजेपी पर आरोप लगे तब राजे अक्सर चुप ही नजर आईं. उन्होंने कहा कि ये बातें राजे-गहलोत के गठजोड़ की कहानी को बयां करती हैं.गहलोत-वसुंधरा ने की एक-दूसरे की मदद

बेनीवाल ने सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पर एक- दूसरे की मदद करने का भी आरोप लगाया. बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा कि राजस्थान में खान घोटाले, माथुर आयोग बनाकर लीपापोती करना, एकल पट्टा प्रकरण, बजरी व परिवहन घोटाला और फन किंगडम स्कैम सहित ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमे गहलोत-वसुंधरा ने एक दूसरे की मदद करके एक दूसरे को कानूनी कार्रवाई से बचाया. एक और ट्वीट में बेनीवाल ने लिखा कि हाल ही में राजस्थान में जब कांग्रेस पार्टी की आपसी लड़ाई से सियासी संकट आया उसमें वसुंधरा राजे ने बीजेपी का पक्ष लेने की बजाय गहलोत सरकार को बचाने में पूरी मदद की. उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे के सियासी सिपाही उस समय अक्सर गहलोत के आवास पर नजर आते थे. बेनीवाल ने यह भी लिखा है कि दोनों ने कांग्रेस और बीजेपी का बंटाधार करने की सुपारी ले रखी है. वहीं उन्होंने सरकार के दो साल के कार्यकाल के बाद आए वसुंधरा राजे के बयान को भी महज औपचारिकता बताया.


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