भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी करने जा रहे है संपत्ति का बटवारा, जानिए क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह

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दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन में से एक में मुकेश अंबानी जी का नाम आता है। वे अपनी शान ओ शौकत वाली जिंदगी के वजह से काफी सुर्खियों में रहती हैं। अब इं दिनों चर्चा हो रही है अंबानी कि संपत्ति कि। दरअसल
साल 2002 में रिलायंस के सर्वे सर्वा धीरूभाई अंबानी का निधन हो गया था तो उसके बाद से ही धीरूभाई अंबानी के दोनों बेटे यानी कि मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर मामला शुरू हो गया था।

mukesh ambani

ऐसे में उनकी मां आनंदीबेन ने दखल देकर ही दोनों भाइयों के बीच एक ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच कर तमाम संपत्ति का बंटवारा कर दिया वहीं मुंबई हाई कोर्ट ने इस बंटवारे पर मोहर तक लगा दी तो परिवार में चल रहे शक्ति प्रशिक्षण का संघर्ष थम गया। मुकेश अंबानी को ये सारा दर्द याद है ऐसे में वो नहीं चाहते कि को उनके साथ हुआ वो उनके बच्चों के साथ भी हो। माना जा रहा है इसी वजह से वह अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के बंटवारे पर काम कर रहे हैं।

ऐसी बातें भी हो रही है कि मुकेश अंबानी संपत्ति एक ट्रस्ट को ट्रांसफर कर देंगे जिसके पास रिलायंस इंडस्ट्रीज का मालिकाना हक होगा वही इस ट्रस्ट में मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी और तीनों बच्चों का हिस्सा होगा वही एक रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबानी मॉडलों पर विचार कर रहे हैं जिनको दुनिया के दूसरे रईसों ने अपनी संपत्ति के बंटवारे के लिए तैयार किया था।वो ऐसा इस लिए कर रहें हैं क्यूंकि वो नहीं चाहते कि उनकी 208 मिलियन की सम्पत्ति के लिए उनके बच्चों को परेशानी हो।वही रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबानी को वॉलमार्ट इंक के फैमिली का तरीका पसंद आया।

कंपनी के संस्थापक सैम वाल्टन की 1992 में निधन के बाद जिस तरह से व्यवसाय का विभाजन हुआ, उससे मुकेश को बहुत लगाव है! वाल्टन परिवार ने 1988 से कंपनी का व्यवसाय अपने प्रबंधकों को सौंप दिया था! इस सारे काम की देखरेख के लिए एक बोर्ड का गठन किया गया था! सैम के सबसे बड़े बेटे रॉब वाल्टन और उनके भतीजे स्टुअर्ट वॉलमार्ट के बोर्ड में थे।

सैम ने अपनी मृ त्यु से 40 साल पहले 1953 में उत्तराधिकार योजना पर काम करना शुरू किया था! सैम वाल्टन ने अपनी संपत्ति का 20-20 प्रतिशत अपने चार बच्चों में बांट दिया था! इससे कर का बोझ भी कम हुआ और परिवार का व्यवसाय व्यवसाय पर ही बना रहा! परिवार के सदस्यों के पास अभी भी वॉलमार्ट में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।

आपको बता दे की मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे भी उनके बिजनेस को लेकर काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं । ऐसे में अंबानी के सबसे पसंदीदा लोगों को ही इस ट्रस्ट का एडवाइजर नियुक्त किया जाएगा वहीं उनकी पत्नी नीता अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में है और उनकी बेटी ईशा अंबानी ने एल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई तक की है जबकि बेटे अनंत और आकाश ब्राउन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है ऐसे में माना जा रहा है कि सलाहकार के तौर पर अंबानी परिवार बोर्ड की कमान उन लोगों को दे देगा जिन पर वह आंख बंद करके भरोसा कर सके।

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