पूरी दुनिया कर रही भारत की तारीफ, जीरो से 100 करोड़ डोज़ तक पहुचाया वैक्सीन।

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कोरोना वायरस ने पिछले करीब डेढ़ साल में भारत में साढ़े चार लाख से ज्यादा जान ले लीं और परिवारों को गमगीन कर दिया. ऐसे में इस महामारी का टीका आने के बाद लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई. भारत ने टीकाकरण को लेकर एक कीर्तीमान बनाया है. देश में 100 करोड़ वैक्सीन डोज पूरी हो गई हैं.

कोरोना वायरस ने बीते करीब डेढ़ साल में भारत में साढ़े चार लाख से ज्यादा जान ले लीं और परिवारों को गमगीन कर दिया. ऐसे में इस महामारी का टीका आने के बाद लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई. भारत ने टीकाकरण को लेकर एक कीर्तीमान बनाया है. देश में 100 करोड़ वैक्सीन डोज पूरी हो गई हैं.

Vaccine Record

देश में पहली वैक्सीन 16 जनवरी 2021 को दी गई थी. चीन के अलावा दुनिया के किसी भी देश की तुलना में भारत पहले ही वैक्सीन की अधिक डोज लोगों को लगा चुका है. भारत में शुरुआत में वैक्सीन की सप्लाई में बाधा भी आई, ऐसे में 100 करोड़ डोज का लक्ष्य हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है.
देश में पहली वैक्सीन 16 जनवरी 2021 को दी गई थी. चीन के अलावा दुनिया के किसी भी देश की तुलना में भारत पहले ही वैक्सीन की अधिक डोज लोगों को लगा चुका है. भारत में शुरुआत में वैक्सीन की सप्लाई में बाधा भी आई, ऐसे में 100 करोड़ डोज का लक्ष्य हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है.

21 अक्टूबर 2021 को यानी 279 दिन में भारत ने 100 करोड़ डोज का ये मील का पत्थर हासिल कर लिया. इसका मतलब है कि इस दस महीने की अवधि के दौरान हर दिन औसतन 27 लाख खुराक दी गई हैं.21 अक्टूबर 2021 को यानी 279 दिन में भारत ने 100 करोड़ डोज का ये मील का पत्थर हासिल कर लिया. इसका मतलब है कि इस दस महीने की अवधि के दौरान हर दिन औसतन 27 लाख खुराक दी गई हैं.

भारत में कोरोना की तीन वैक्सीन को मान्यता मिली है. जिसमें कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों को फुली वैक्सीनेटेड माना जाता है. जबकि स्पूतनिक की सिंगल डोज को ही फुली वैक्सीनेटेड माना जाता है.भारत में कोरोना की तीन वैक्सीन को मान्यता मिली है. जिसमें कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों को फुली वैक्सीनेटेड माना जाता है. जबकि स्पूतनिक की सिंगल डोज को ही फुली वैक्सीनेटेड माना जाता है.

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