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चंद मिनटों मे होने वाली थी पति की मौत और पत्नी बोली मुझे बच्चा चाहिए,मरने से पहले इस तरह दे गया प्यार की निशानी

husband and wife

कहते हैं रिश्ते भगवान बनाता है और भगवान के बनाए हुए इस रिश्ते में प्यार भी बेशुमार होता है. पति पत्नी का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता होता है जिसे भगवान खुद बनाता है और इस रिश्ते में प्यार भरोसा इज्जत सब कुछ होता है. शादी के बाद एक लड़की के लिए उसका पति ही उसका सब कुछ होता है जिससे वह अपना सुख दुख बढ़ती है और हर बात कह सकती है. हम आपको बताने जा रहा है एक ऐसे ही अनोखी प्रेम कहानी जिसे पढ़कर आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे. एक पति और पत्नी के बीच प्यार का मामला सामने आया जहा उस महिला के पति ने मरने से पहले अपने प्यार की अनोखी निशानी उसे दी. इस मामले में बताया गया की गुजरात की एक युवती की कनाडा में अक्टूबर 2020 में शादी हुई थी।

शादी हो जाने के 4 महीने बाद उसे सूचना मिली कि, गुजरात में उसके ससुर की हार्ट अटैक आने से तबियत बिगड़ गई है। जिसके बाद उसे अपने पति के साथ वापस भारत वडोदरा आना पड़ा। लेकिन जैसे ही वो भारत आई तो उसका पति कोरोना हो गया। जिसके बाद 10 मई से पति की हालत नाजुक हो गई।

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दरअसल इस कोरोना की महामारी के कारण सभी लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका था । कोरोना होने के कारण अब उस महिला का पति दो महिने से एक प्राइवेट हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर था.डॉक्टरों ने कहा कि, हालत बेहद गंभीर हो गई है और अब वह 48 घंटे से ज़्यादा जिंदा नहीं रह पायेगा। इस पर पति को खोने के डर से युवती रोते हुए गुजरात हाईकोर्ट का रूख की ।

दरअसल एक महिला शादी के बाद पति के साथ अपना सुखद जीवन बिताने और परिवार को आगे बढ़ाने का सपना देखती ही हैं। लेकिन उसकी किस्मत में ऐसा नहीं लिखा था। इसके बाद इस महिला ने हाईकोर्ट के सामने युवती ने गुहार लगाई कि, मुझे अपने पति का स्पर्म चाहिए, ताकि मैं उनके बच्चे को जन्म दे सकूं। लेकिन, इसकी इजाजत मेडिकल कानून ने नहीं दी।

कोरोना महामारी के समय में ऐसी बहुत सी खबरें सुनने को मिल थी जिसको जानकर इंसान बहुत भावुक हो गया। लेकिन बहुत प्रयास करने के बाद अंत में हाईकोर्ट ने सारी सुनवाई रोककर इस मामले को सुना। तब जाकर कार्यवाही शुरू हुई और 15 मिनट के अंदर ही फोन पर स्टर्लिंग हॉस्पिटल को आईवीएफ प्रोसिजर का आदेश दे दिया। आज तक के इतिहास में संभवत: ऐसा ये पहली बार हुआ, जब हाईकोर्ट ने सारी सुनवाई रोककर एक पति के लिए बिलखती उसकी पत्नी की गुहार सुनी। पत्नी ने अपने पति के अंतिम समय में उसके प्यार की निशानी पाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख की थी.

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