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GST क्षतिपूर्ति: केंद्र ने 20 राज्यों को दी ओपन मार्केट से उधार लेने की मंजूरी, जुटाएंगे 68825 करोड़ रुपये | business – News in Hindi

केंद्र सरकार ने 20 राज्‍यों को खुले बाजार से उधार लेने की मंजूरी दे दी है.

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने जीएसटी कलेक्‍शन (GST Collection) में कमी के कारण राजस्व में कमी की भरपाई करने के लिए ओपन मार्केट से कर्ज (Borrow) उठाने की मंजूरी दे दी. अब राज्‍य खुले बाजार (Open Market) से 68,825 करोड़ रुपये की उधारी ले सकेंगे. इनमें उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र समेत 20 राज्‍य शामिल हैं. इन राज्‍यों ने केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से राजस्‍व भरपाई के लिए दिए गए दो विकल्‍पों में से पहले को चुना है. दरअसल, जीएसटी काउंसिल की सोमवार को हुई बैठक (GST Council Meeting) में आने वाले समय में जीएसटी कलेक्शन की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र की ओर से दिए विकल्‍पों पर राज्यों में सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद फैसला किया गया कि सहमत राज्‍यों को उधार लेने की मंजूरी दे देनी चाहिए ताकि उनके पास खर्च के लिए नकदी की कमी ना रहे.

केंद्र की ओर से दिए पहला विकल्‍प चुनने वाले राज्‍यों मिली है मंजूरी
वित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) के मुताबिक, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 0.5 फीसदी के हिसाब से अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दी गई है. यह मंजूरी उन राज्यों को दी गई है, जिन्होंने जीएसटी लागू होने की वजह से राजस्व संग्रह (Revenue Collection) में कमी को पूरा करने के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से दिए गए दो विकल्पों में से पहला विकल्प चुना है. जीएसटी काउंसिल की 27 अगस्त को हुई बैठक में इन दोनों विकल्पों को रखा गया था. इस बारे में 29 अगस्त को राज्यों को पूरी जानकारी दे दी गई थी. पहला विकल्प चुनने वाले 20 राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, यूपी, उत्तराखंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं.

ये भी पढ़ें- EPFO ने शुरू की व्‍हाट्सऐप हेल्‍पलाइन सर्विस, अब तुरंत दूर होगी सब्‍सक्राइबर्स की कोई भी शिकायतचालू वित्‍त वर्ष में GST क्षतिपूर्ति रह सकती है 2.35 लाख करोड़

वित्त वर्ष 2020-21 में जीएसटी क्षतिपूर्ति 2.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. दरअसल, केंद्र ने अगस्त 2020 में राज्यों को दो विकल्प दिए थे. पहला, सभी राज्‍य रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विंडो से 97,000 करोड़ रुपये कर्ज या बाजार से 2.35 लाख करोड़ रुपये की उधारी ले सकते थे. कुछ राज्यों की मांग के बाद पहले विकल्प के तहत विशेष कर्ज व्यवस्था को 97 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1.10 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. उधारी को चुकाने के लिए क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) को पांच साल तक टाल दिया गया है. व्यय विभाग ने मंगलवार को 20 राज्यों को खुले बाजार से 68,825 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि जुटाने की मंजूरी दे दी.


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