Driving licence : अब स्पेशल ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद ही बनेगा DL, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके

कुशल और कुशल हाथों को वाहन सौंपने के लिए बनाई गई विशेष योजना के तहत अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) परिसर में विदेशी तर्ज पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे। संस्थान में ड्राइविंग टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (DTTI) तैयार है। अगस्त से यहां ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट शुरू होगा, जिसे पास करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकता है। डीएल यूरोप और अमेरिका में इसी तरह बनता है।

Driving licence
अब स्पेशल ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद ही बनेगा DL

पहले डीएल का गठन आरटीओ कार्यालय में होता था। डीएल को आईटीआई में एक साल हो रहा है। अब डीटीटीआई 4 करोड़ 17 लाख रुपये के साथ यहां हो गया है। संस्थान भवन, ट्रैक, चारदीवारी, सीसी रोड व गार्ड रूम बनकर तैयार है। ट्रैक के सेंसर, इंडिकेटर और साइनेज का काम परिवहन विभाग पुणे स्थित संस्थान के विशेषज्ञों के साथ मिलकर करेगा। डीएम संजय कुमार खत्री ने कार्यकारी एजेंसी यूपी सिडको को इसी माह डीटीटीआई परिवहन विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं.

हाल ही का ट्वीट :-

संस्थान में शुरू होगा डीएल टेस्ट आवेदक को अंग्रेजी फिगर ऑफ आठ ट्रैक, अप ग्रेडिएंट, पार्किंग और रिवर्स में गाड़ी चलानी होगी। इसे कुशलता से पूरा करने पर ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाएगा। संस्थान में ड्राइविंग प्रशिक्षण के दौरान यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। इस पहल से हादसों में कमी आएगी।

एआरटीओ प्रशासन राजीव चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान ने मैनुअल ड्राइविंग टेस्टिंग के साथ एक सेंसर ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया है। ट्रैक पर लगे सेंसर टेस्ट देते समय परीक्षार्थी की गलती को तुरंत पकड़ लेंगे। लोगों को गलतियों को सुधारने और कुशल ड्राइविंग के गुर सीखने का भी अवसर मिलेगा। सड़क सुरक्षा भी तभी कारगर होगी जब वाहन चालक यातायात नियमों से पूरी तरह अवगत हों।