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Corona की वैक्‍सीन खोजने में जुटे ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के दल में भारतीय वैज्ञानिक भी | nation – News in Hindi

चंद्रबिल दत्‍ता ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक हैं.

कोलकाता: कोरोना वायरस की वैक्‍सीन (Coronavirus Vaccine) विकस‍ित करने में कई देशों के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं. ब्रिटेन (Britain) की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के वैज्ञानिक भी इस कोशिश में लगे हैं. माना जा रहा है कि ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को सफलता मिल सकती है. इस बीच भारत के भी एक गर्व की खबर सामने आई है. दरअसल ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की जो टीम कोरोना वायरस वैक्‍सीन (Covid 19 Vaccine) पर काम कर रही है, उसमें एक भारतीय मूल की वैज्ञानिक भी शामिल हैं. इनका नाम चंद्रबलि दत्‍ता (Chandrabali Datta) है. वह ऑक्‍सफोर्ड में रहती हैं और यूनिवर्सिटी में क्‍वालिटी एसूरेंस मैनेजर हैं.

कोरोना वैक्‍सीन की खोज में जुटी ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के दल में शामिल होने पर चंद्रबलि दत्‍ता ने कहा है कि इससे उन्‍हें गर्व की अनुभूति हो रही है कि वह इंसानियत के कार्य में जुटी हैं. 34 साल की वैज्ञानिक चंद्रबली अब कुछ दिनों के लिए कोलकाता में हैं. उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है. वह इस साल की दुर्गा पूजा के शुरुआती दिनों में ही 22 अक्टूबर को फिर से ब्रिटेन लौंटेंगी.

उनके अनुसार कोविड 19 वैक्सीन का काम दिसंबर 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘कोरोना वैक्सीन इस साल दिसंबर तक उपलब्ध होगी. क्‍लीनिकल ट्रायल का अंतिम चरण अभी चल रहा है. पूरी दुनिया इस टीके पर नजर गड़ाए है. यह एक मानवीय कारण की तरह है जो इस परियोजना का एक हिस्सा है. हम इस वैक्सीन को सफल बनाने के लिए हर रोज अतिरिक्त घंटे काम कर रहे हैं, ताकि मानव जीवन को बचाया जा सके. यह एक बड़े पैमाने पर टीम का प्रयास है और सभी ने इसकी सफलता की दिशा में चौबीसों घंटे काम किया है. मैं इस परियोजना का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हूं.’

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता चंद्रबलि का मानना ​​है कि कोविड-19 वैक्सीन फरवरी 2021 तक भारत में पहुंच जाएगी. इसलिए अभी के लिए हमें क्या करने की आवश्यकता है? इस पर चंद्रबली ने कहा, ‘हमें कुछ और महीनों तक इंतजार करना होगा. तब तक इम्‍युनिटी हमारी एकमात्र आशा है.’ उन्‍होंने मास्क और सैनिटाइजर के उपयोग पर भी जोर दिया.कई साल के बाद चंद्रबलि दुर्गा पूजा के समय कोलकाता आई हैं. वह अपनी बहन रित्विका के साथ कुछ जगहों पर जाने की योजना बना रही हैं. उनके अनुसार, कोलकाता में पुजो का अर्थ पुचका (गोलगप्पा), रोल्स, चीनी व्‍यंजन और निश्चित रूप से पंडाल में खाना होता है. लेकिन इस साल चंद्रबलि ने कोलकाता के लोगों को बताया, ‘जितना संभव हो सके घर से इस दुर्गा पूजा का आनंद लें. टीका लगने तक हम सभी को सावधान रहना होगा.

चंद्रबली दत्ता कोलकाता के टॉलीगंज क्षेत्र में गोल्फ गार्डन में रहती हैं. उन्‍होंने शुरुआती पढ़ाई गोखले मेमोरियल गर्ल्स स्कूल से की. हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी में बीटेक में स्नातक किया. वह लीड्स विश्वविद्यालय में बायोसाइंस (जैव प्रौद्योगिकी) में एमएससी के लिए अध्ययन करने के लिए 2009 में यूके चली गईं.


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