छावला गैंगरेप और हत्या सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फांसी का फैसला, तीनो आरोपियों को किया बरी

सुप्रीम कोर्ट ने रवि, राहुल और विनोद को बरी कर दिया है। 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों की मौत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. आपको बता दें कि साल 2012 में उत्तराखंड की 19 साल की लड़की के साथ दिल्ली में आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी. साल 2012 में छावला रेप-मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों की फांसी की सजा को पलट दिया था।

accused were acquitted
छावला गैंगरेप और हत्या सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फांसी का फैसला

उत्तराखंड की ‘निर्भया’ दिल्ली के छावला स्थित कुतुब विहार में रहती थी। 14 फरवरी 2012 को वह काम से घर आ रही थी। तभी रास्ते में राहुल, रवि और विनोद नाम के तीनों आरोपियों ने लड़की का अपहरण कर लिया. उस दिन जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। बच्ची की काफी तलाश की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला। हरियाणा के रेवाड़ी में पुलिस को काफी देर तक तलाशी के बाद बच्ची का शव बेहद खराब हालत में मिला। बाद में जांच में पता चला कि उसे काफी प्रताड़ित किया गया था।

सच्चाई सामने आई तो लोगों के होश उड़ गए। पता चला है कि दोषियों ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे असहनीय यातनाएं भी दीं. कार में इस्तेमाल किए गए औजारों से लड़की को बेरहमी से मारा। उसका पूरा शरीर सिगरेट से जल गया था। इतना ही नहीं बदमाशों ने लड़की के चेहरे और आंखों को तेजाब से जला दिया। इसके बाद सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली की एक अदालत ने तीनों को 19 वर्षीय लड़की से बलात्कार और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई। इस फैसले को बरकरार रखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी मौत की सजा को बरकरार रखा, लेकिन दोषियों ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की मौत की सजा को पलट दिया।