MP में महिला आईएएस कि बड़ी पहल, शादी के वक़्त नहीं करवाया कन्यादान कहा – ‘मैं दान की चीज नहीं, आपकी बेटी हूं’

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोबा गांव में एक महिला आईएएस (IAS) अफसर और आईएफएस (IFS) अधिकारी की शादी इनदिनों सुर्ख़ियों में छाई हुई है। IAS अफसर तपस्या परिहार की शादी इनदिनों मध्यप्रदेश में बेहद चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि आईएएस तपस्या ने अपनी शादी में अपना कन्यादान कराने से साफ इनकार कर दिया। बकौल तपस्या – मैं दान की चीज नहीं हूं, आपकी बेटी हूं, ऐसा उन्होंने अपने पिता से कहा।

महिला IAS ने शादी में नहीं कराया कन्यादान 
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हिंदू संस्कृति में कन्यादान का विशेष महत्व है पर नरसिंहपुर जिले में पैदा हुई तपस्या परिहार ने सारे बंधनों को तोड़ते हुए अपनी शादी में कन्यादान की रस्म को नहीं होने दिया, जिसकी वजह से यह शादी चर्चा में है।आईएएस अधिकारी तपस्या का कहना है कि बचपन से ही उनके मन में समाज की इस विचारधारा को लेकर लगता था कि कैसे कोई मेरा कन्यादान कर सकता है, वो भी मेरी इच्छा के बगैर।यही बात धीरे-धीरे मैंने अपने परिवार से चर्चा की और इस बात को लेकर मेरे परिवार के लोग मान गए। फिर मैंने वर पक्ष को भी इसके लिए राजी किया और बिना कन्यादान दिए शादी हो गई।

महिला IAS ने शादी में नहीं कराया कन्यादान 
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मालूम हो कि बीते गुरुवार को जोवा गांव में इनकी शादी का रिसेप्शन हुआ। जिसमें दोनों पक्षों के रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए।आईएएस तपस्या परिहार ने UPSC की परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से शादी की। आईएएस तपस्या परिहार का कहना है कि दो परिवार आपस में मिलकर विवाह करते हैं,  तो फिर बड़ा,  छोटा या ऊंचा नीचा होना ठीक नहीं।क्यों किसी का दान किया जाए और जब मैं शादी के लिए तैयार हुई तो मैंने भी परिवार के लोगों से चर्चा कर कन्यादान की रस्म को शादी से दूर रखा।

वहीं तपस्या के पति IFS गर्वित भी कहते हैं कि क्यों किसी लड़की को शादी के बाद पूरी तरह बदलना होता है। चाहे मांग भरने की बात हो या कोई ऐसी परंपरा जो ये सिद्ध करें कि लड़की शादीशुदा है। ऐसी रस्में लड़के के लिए कभी लागू नहीं होती और इस तरह की मान्यताओं को हमें धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। तपस्या के पिता भी शादी से खुश हैं। उनका मानना है कि इस तरह की रस्मों से लड़की को पिता के घर से या उसकी जायजाद से बेदखल करने की साजिश की तरह देखा जाता है।

मालूम हो कि पूरी शादी वैदिक मंत्रों के साथ और बाकी के पूरे रीति रिवाज से संपन्न हुई। बस कन्यादान जैसी रस्म को दूर कर दोनों आईएएस और आईएफएस अधिकारियों ने शादी को अनोखा बना दिया और एक मिसाल पेश कर चर्चाओं में ला दिया। तपस्या परिहार साल 2018 बैच की आईएएस अधिकारी है। तपस्या का जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोवा गांव में हुआ है। नरसिंहपुर के केंद्रीय विद्यालय से तपस्या परिहार ने स्कूली पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद पुणे स्थित इंडिया लॉ सोसाइटीज कॉलेज से उन्होंने कानून की पढ़ाई की। तपस्या के पापा विश्वास परिहार किसान हैं। UPSC की तैयारी के लिए तपस्या ने दिल्ली में रहकर ढाई साल तक की थी। तपस्या को दूसरी कोशिश में सफलता हाथ लगी।

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