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B’Day Special: एक नहीं, दो-दो वर्ल्ड कप फाइनल में टॉप स्कोर बनाने वाले गौतम राजनीति में हैं बेहद गंभीर | cricket – News in Hindi

नई दिल्ली. भारतीय टीम के सबसे सफल ओपनर्स में शुमार रहे गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) आज अपना 39वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. 14 अक्टूबर, 1981 को दिल्ली में जन्में स्टाइलिश बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup 2007) में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद 2011 वर्ल्ड कप (ICC World Cup 2011) में भी उन्होंने धमाकेदार का प्रदर्शन किया. क्रिकेट संन्यास के बाद गौतम ने राजनीति की पिच पर कदम रखा है और वह इसे बेहद गंभीरता के साथ ले रहे हैं. गौतम गंभीर को वर्ल्ड टी20 2007 और 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में उनकी शानदार पारी के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने इन दोनों फाइनल में क्रमशः 75 और 97 रनों की पारी खेली थी. भारत ने आखिरकार ये दोनों फाइनल जीतते हुए खिताबी जीत अपने नाम की थी.

गौतम गंभीर ने भारत के लिए खेलते हुए 58 टेस्ट में 4154, 147 वनडे में 5238 और 37 टी-20 में 932रन बनाए. जब गंभीर दिल्ली में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय नेशनल टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली थे. 2007 से गौतम गंभीर के करियर को उड़ान मिली. टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. इसके बाद से वह टीम के अटूट हिस्सा बन गए. कई मैच जिताऊ पारियों के अलावा विश्व कप में उनकी पारी हमेशा याद रहेगी. इस मौके पर उनकी कुछ स्पेशल पारियों पर नजर डालते हैः

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2007 के टी-20विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रन की पारीःजोहानिसबर्ग में पहले बल्लेबाजी करते हुए बाएं हाथ के गंभीर ने 54 गेंदों में 75 रन की पारी खेली. भारत ने 5 विकेट पर 157 रन बनाए. जवाब में पाकिस्तान की टीम जीत के लक्ष्य से पांच रन दूर रह गई. धोनी की कप्तानी में भारत ने पहला टी20 विश्व कप अपने नाम किया. गंभीर ने अपनी पारी में 8 चौके और दो छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 138.88 रहा.
https://twitter.com/CricketopiaCom/status/1176356200553730048?ref_src=twsrc%5Etfw2011 के विश्व कप फाइऩल में श्रीलंका के खिलाफ 97रन की पारीःइसमें कोई संदेह नहीं है कि यह गौतम गंभीर की बेस्ट पारी थी. धोनी के नेतृत्व में भारत को 275 रनों का पीछा करना था. वानखेड़े स्टेड़ियम में मेजबान भारत 31 रन पर दो विकेट खो चुका था. गंभीर ने विराट कोहली के साथ टीम के स्कोर को जीत के लक्ष्य के लिए आगे बढ़ाया. कोहली 35 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन गौतम मजबूती के साथ टिके रहे. धोनी के साथ गंभीर ने स्पिनरों को बखूबी खेला. भारत ने जीत हासिल कर ली. धोनी और गंभीर के बीच 109 रनों की साझेदारी हुई. चौथी विकेट के रूप में आउट होने से पहले गंभीर 97 रन बना चुके थे.

2008 में भारत की ओर से वनडे में सबसे ज्यादा शतक और रन2009 में गंभीर का बल्ला जमकर बोला था और वह टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज बने थे. इसी साल उन्हें ‘आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द अवॉर्ड’ से भी नवाजा गया था. उन्होंने साल 2008 में भारत की ओर से वनडे में सबसे ज्यादा शतक और रन बनाए थे. साल 2008 में भारतीय राष्ट्रपति ने गंभीर को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा था.लगातार पांच टेस्ट मैचों में पांच शतकभारतीय टीम गौतम गंभीर की कप्तानी में कभी मैच नहीं हारी. उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी 6 वनडे मैचों में की और टीम इंडिया ने ये सभी मैच जीते थे. गंभीर ने लगातार पांच टेस्ट मैचों में पांच शतक लगाए थे. उनके अलावा इस कारनामे को अंजाम देने वाले बल्लेबाज ब्रैडमैन, कैलिस और मोहम्मद यूसुफ हैं.

बता दें कि गौतम गंभीर आईपीएल इतिहास में भी लीजेंड साबित हुए. उन्होंने 31 की औसत से 4217 रन बनाए. इनमें 36 अर्द्धशतक शामिल हैं. उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दो बार (2012 और 2014)में आईपीएल खिताब जीता.


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