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2021 विधानसभा चुनाव से पहले BJP की ‘स्मार्ट रणनीति’ का प्रदर्शन

नई बीटीसी काउंसिल को लेकर हुई बैठक में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, NEDA समन्वयक हेमंत बिस्व सरमा, UPPL के अध्यक्ष प्रमोद बोरो, असम बीजेपी के अध्यक्ष रंजीत दास शामिल थे. (फोटो PTI)

गुवाहाटी. अगले साल असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. बीजेपी राज्य में पहली बार 2016 में सत्ता पर काबिज हुई थी. अब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) चुनाव में पकड़ जमाकर बीजेपी ने अपनी स्मार्ट रणनीतिक का प्रदर्शन किया है. मंगलवार को यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के अध्यक्ष प्रमोद बोरो ने BTC के चीफ एक्जिक्यूटिव मेंबर का पद संभाला. इस अवसर पर राज्य बीजेपी के तकरीबन सभी बड़े नेता मौजूद थे जिनमें सीएम सोनोवाला भी शामिल हैं. साथ ही उत्तर पूर्व में बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकार हेमंत बिस्वसरमा भी मौजूद थे.

सबसे बड़ी पार्टी BPF लेकिन सत्ता से दूर
दरअसल बीजेपी ने BTC पर 17 वर्षों से काबिज बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) का वर्चस्व तोड़ दिया है. हालांकि 40 सीटों वाली काउंसिल में सबसे ज्यादा सीटें BPF को ही आई हैं लेकिन सत्ता उसके हाथ से छिन गई है. BPF को 17 सीटें मिलीं तो वहीं UPPL को 12, बीजेपी को 9. गण शक्ति पार्टी को 1 सीट मिली है. बीजेपी, UPPL और गणशक्ति पार्टी मिलकर बीटीसी की सत्ता पर काबिज हो गए हैं.

एक साल से चल रही थी प्लानिंगऐसा लग रहा है कि काउंसिल से BPF को बाहर करने की तैयारी पिछले एक साल से चल रीह थी. बीजेपी रफ्तार के साथ बोडो संधि को क्लीयर किया. बीजेपी इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे दशकों से चला आ रहा सशस्त्र संघर्ष समाप्त होगा. ये शांति समझौता प्रमोद बोरो की अगुवाई वाले ऑल इंडिया बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के धड़ों के साथ किया गया था. ये जनवरी 2020 की बात है. इस संधि पर हस्ताक्षर के बाद से ही प्रमोद बोरो राज्य में चर्चा में आ गए थे. फिर बीजेपी की तरफ से भी प्रोजेक्ट किया गया कि ये संधि सिर्फ बोरो की वजह से हो पाई है.

चुनाव में प्रमुख चेहरे बनकर उभरे प्रमोद बोरो
धीरे-धीरे प्रमोद बोरो का प्रभाव बढ़ता गया और फिर उनकी पार्टी UPPL ने चुनाव में 12 सीटों पर बाजी मारी. BPF भले ही सबसे बड़ी पार्टी हो लेकिन अब वह इस क्षेत्र की सत्ता से दूर हो गई है. माना जा रहा है कि इस चुनाव में जीत बीजेपी को विधानसभा चुनाव में भी मदद पहुंचाएगी.

(Jayanta Kalita की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)


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