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स्काई साइकिलिंग क्या है, भारत में आप कहां कर सकते हैं ये एडवेंचर?

देश में अब वो ज़माना तो नहीं रहा कि साइकिल ज़रूरत या फिर आम जनता के दैनिक उपयोग की चीज़ रही हो, लेकिन हां शौकिया तौर पर कई लोग अब भी साइकिल चलाते हैं. कुछ ज़रूरतमंदों और शैकीनों को छोड़ दिया जाए तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सेहत के लिए साइकिल चलाते हैं. इनके अलावा साइकिल चलाने वाले लोगों का एक वर्ग और है, जो साइकिल के साथ स्पोर्ट और एडवेंचर को जोड़कर देखता है. ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज़्यादा नहीं है, लेकिन एडवेंचर के तौर पर पर्यटन का लुत्फ लेने वालों की संख्या खासी है, जिसे ध्यान में रखते हुए स्काई साइकिलिंग की शुरूआत हो चुकी है.

भारत में करीब दो दशक पहले तक आम जनजीवन में प्रमुख वाहन रहे साइकिल को रोमांच के तौर पर लेने वालों के लिए खुशखबरी यह है कि अब भारत में भी स्काई साइकिलिंग शुरू हो चुकी है. साइकिलिंग के शौकीन ये भी जानते हैं कि एसो एल्बेन और रोनाल्डो सिंह जैसे साइकिलिस्टों से देश के कई युवाओं और साइकिल के समर्थकों को काफी प्रेरणा मिलती रही है. बहरहाल, आपको बताते हैं कि सकाई साइकिलिंग की देश में आमद कहां हुई है.

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क्या होती है स्काई साइकिलिंग?सड़क पर साइकिल चलाने के अलावा, ट्रैक साइकिलिंग, बीएमएक्स, एमटीबी जैसे टर्म युवाओं के बीच खासे पाॅपुलर रहे हैं, लेकिन स्काई साइकिलिंग को अभी भारत में ज़्यादा लोकप्रियता नहीं मिल सकी है. इसके बावजूद इसे एक एडवेंचर के तौर पर प्रमोट किए जाने की शुरूआत हो चुकी है.

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तो आप आसमान में साइकिल कैसे चला सकते हैं? बेशक, यहां गुरुत्वाकर्षण बल को नकारने वाली कोई खोज या आविष्कार नहीं हुआ है बलिक ज़मीन से काफी ऊपर साइकिल चलाने की एक व्यवस्था बनाई गई है. जिस तहर रोप-वे का आनंद आप एक ट्राॅली में बैठकर लेते हैं, उसी तरह ज़मीन से ऊपर साइकिल चलाने के लिए रस्सी का एक ट्रैक बांधा जाता है, जो सस्पेंशन के ज़रिये बंधा रहता है.

कुल्लू मनाली में शुरू हो चुकी है स्काई साइकिलिंग.

इस रस्सी पर साइकिलिंग के लिए तमाम ज़रूरी एहतियात बरतने होते हैं. इसके लिए आपको एक ट्रेनर पूरी तरह से हिदायतें समझाता है और उसके बाद हेलमेट और प्रोटेक्टिव गियर्स पहनकर ही इस रोप ट्रैक पर साइकिलिंग की इजाज़त दी जाती है. इस एडवेंचर का आनंद वही ले सकते हैं जिन्हें ऊंचाई से डर लगने या दिल कमज़ोर होने जैसी कोई बीमारी या शिकायत नहीं है.

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अगर आप एक्रोफोबिया जैसी किसी शिकायत से ग्रस्त हैं या फिर आपको एडवेंचर में दिलचस्पी नहीं है तो आपको स्काई साइकिलिंग से दूर ही रहना चाहिए. भारत से पहले कुद देशों में स्काई साइकिलिंग काफी लोकप्रिय हो चुकी है. नेपाल के पोखरा समेत कुछ स्थानों पर यह एडवेंचर पर्यटाकें को आकर्षित करता रहा है.

भारत में कहां है स्काई साइकिलिंग?
देश में आप तीन स्थानों पर इस एडवेंचर का लुत्फ ले सकते हैं – कुल्लू मनाली, ऋषिकेश और कोच्चि. देश का पहला स्काई साइकिलिंग पार्क मनाली में इसी साल सितंबर महीने में गुलाबा इलाके में शुय हुआ. यहां स्काई साइकिलिंग के लिए बना ट्रैक समुद्र तल से 9000 फीट की ऊंचाई पर बना है. यहां पर्यटकों और एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा देने के मकसद से यह शुरूआत की गई है.

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देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शुमार कुल्लू मनाली में पहले ही सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग और स्कीइंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स होते हैं. मनाली में रोहतांग पास सबसे खूबसूरत स्थानों में शुमार है, जहां बर्फ से ढंके इलाके में माउंटेन बाइकिंग और स्कीइंग काफी पाॅपुलर एडवेंचर्स हैं. अब यहां स्काई साइकिलिंग एडवेंचर प्रेतियों के लिए एक नया और आकर्षक विकल्प बन सकती है.


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