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सैमसंग ने की एआर-वीआर इनोवेशन लैब की स्थापना, IIT जोधपुर के साथ की साझेदारी

गुरुग्राम: सैमसंग इंडिया ने आज आईआईटी-जोधपुर में सैमसंग एआर-वीआर इनोवेशन लैब का शुभारम्भ किया. इस प्रकार सैमसंग डिजिटल एकेडमी पहल के अंतर्गत खुलने वाली ऐसी प्रयोगशालाओं की कुल संख्या 7 हो गई है, जिससे सरकार के स्किल इंडिया मिशन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को मजबूती मिली है और डिजिटल इंडिया पहल को भी प्रोत्साहन मिला है. आईआईटी-जोधपुर स्थित सैमसंग एआर-वीआर इनोवेशन लैब में विद्यार्थियों को अगमेंटेड रियलिटी एंड वर्चुअल रियलिटी (एआर/वीआर) जैसी नई प्रौद्योगिकियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें उद्योग से संबंधित कौशल सिखाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने में सहायता मिलेगी.

सीएसआर एक्टिविटी के तरह शुरू की लैब
सैमसंग डिजिटल एकेडमी, सैमसंग की कॉरपोरेट सामाजिक पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक के बारे में कुशल बनाकर देश में डिजिटल असमानता और कुशलता के अंतर को दूर करना है. सैमसंग इंजीनियर्स द्वारा आईआईटी-जोधपुर के विभिन्न शिक्षकों के साथ मिलकर प्रयोगशाला में कोर्स कराए जाएंगे और आईआईटी-जोधपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग द्वारा बी. टेक, एम. टेक और पीएचडी के विद्यार्थियों को इनकी पेशकश की जाएगी. प्रति वर्ष 30-35 स्नातक छात्रों के बैच को प्रशिक्षण दिया जाएगा और इस प्रयोगशाला के एक हिस्से को शोध छात्रों द्वारा अपने प्रयोग करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: Realme ने अपना नया स्मार्टफोन Realme 7 5G किया लॉन्च, जानिए इसके फीचर्सइलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार में सचिव श्री अजय प्रकाश साहनी और कला, साहित्य, संस्कृति व पुरातत्व सचिव तथा जवाहर कला केन्द्र, राजस्थान की महानिदेशक डॉ. मुग्धा सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से आईआईटी-जोधपुर स्थित सैमसंग एआर-वीआर इनोवेशन लैब का शुभारम्भ किया. इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार में सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा, ‘मैं सैमसंग की इस पहल की सराहना करता हूं. ऐसी भागीदारियों से उद्योग के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण और देश में इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी उद्योग के क्षेत्रों में नवाचार आसान हो जाएगा.’

सैमसंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, दिल्ली के प्रबंध निदेशक दिओखो किम ने कहा, ‘सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट इंडिया, दिल्ली कई वर्षों से संयुक्त शिक्षण, उन्नत और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर शोध परामर्श व प्रोत्साहन देने के वास्ते भागीदारियां बढ़ाने के लिए भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है. आईआईटी-जोधपुर स्थित नई सैमसंग इनोवेशन लैब को एआर/वीआर में विशेषज्ञता होगी और इससे विद्यार्थियों को इस विशेष नवाचार पर काम करने में मदद मिलेगी. हम सैमसंग डिजिटल एकेडमी कार्यक्रम के अंतर्गत सैमसंग इनोवेशन लैब्स के नेटवर्क के माध्यम से नई पीढ़ी की तकनीक के विकास के क्षेत्र में काम करने और उन्नत शोध क्षेत्रों के विकास में भागीदारी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

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सैमसंग इंडिया के कॉरपोरेट उपाध्यक्ष पीटर री ने कहा, ‘सैमसंग के तौर पर हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार की संस्कृति विकसित करना और देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने में सहायता देना है. अपनी नागरिक पहलों के तहत हमने 2017 में पहली सैमसंग इनोवेशन लैब की शुरुआत की थी और तब से अब तक हम ऐसी कई प्रयोगशालाओं की शुरुआत कर चुके हैं, जहां आईओटी और व्यापक कंप्यूटिंग जैसी नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर विद्यार्थियों के कौशल में सुधार किया जा चुका है. आईआईटी के विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा सैमसंग इंजीनियर्स के साथ भागीदारी में अनुसंधान के लिए भी इन प्रयोगशालाओं का इस्तेमाल किया गया है. हमें भरोसा है कि सैमसंग इनोवेशन लैब से विद्यार्थियों को डिजिटल प्रौद्योगिकी बाजार को मजबूत बनाने और अपनी प्रतिभा के विकास में मदद मिलेगी.’

आईआईटी जोधपुर में निदेशक प्रो. शांतनु चौधरी ने कहा, ‘यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को एआर और वीआर प्रौद्योगिकियों के विभिन्न पहलुओं से रूबरू होने का अवसर उपलब्ध कराएगी. एआर और वीआर शिक्षा, औद्योगिक डिजाइन, रोबोटिक्स, बुनियादी ढांचा प्रबंधन और दवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एप्लीकेशन खोज रही हैं, इसलिए चिकित्सा तकनीक सहित संस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं.’

टेली प्रिसेंस और ब्रेन मशीन इंटरफेसेस पर जोर
आईआईटी-जोधपुर स्थित सैमसंग एआर-वीआर इनोवेशन लैब के पाठ्यक्रम में स्पर्श, हैप्टिक्स, स्वाद, गंध, रोबोटिक इंटरफेसेस, टेली प्रिसेंस और ब्रेन मशीन इंटरफेसेस पर विशेष जोर के साथ अगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और मिक्स्ड रियलिटी शामिल होंगे. यह कोर्स कक्षा में व्याख्यान, असाइनमेंट और प्रयोगशाला सत्रों, स्व अध्ययन और छोटे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 14 हफ्तों से ज्यादा की अवधि तक कराया जाएगा. व्यावहारिक अभ्यास को सुविधाजनक बनाने के लिए विद्यार्थियों को व्यापक शिक्षण और आवश्यक दस्तावेज आदि उपलब्ध कराए जाएंगे.

इससे पहले सैमसंग छह लैब का कर चुका है निर्माण
सैमसंग अपने सैमसंग डिजिटल एकेडमी कार्यक्रम के तहत अभी तक आईआईटी-दिल्ली, आईआईटी-कानपुर, आईआईटी-हैदराबाद, आईआईटी-खड़गपुर, आईआईटी-रुड़की और आईआईटी गुवाहाटी में छह सैमसंग इनोवेशन लैब्स की स्थापना कर चुकी है, जिसमें आईआईटी-दिल्ली में 2017 में पहली प्रयोगशाला की स्थापना की गई थी. इन प्रयोगशालाओं में अभी तक 800 से ज्यादा आईआईटी के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. निकट भविष्य में कई अन्य सैमसंग इनोवेशन लैब्स की स्थापना की जाएगी. वर्तमान में प्रयोगशालाओं में सैमसंग के साथ भागीदारीपूर्ण शोध जैसी गतिविधियां और सैमसंग द्वारा पेश किए गए कोर्स/प्रशिक्षण कराने पर जोर दिया जा रहा है.



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