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सरकारी क्रय केंद्र पर परेशान किसान बोले- 3 दिन से नहीं है कोई कर्मचारी, धान बेचें किसे?

मुरादाबाद में धान बेचने के इंतजार में किसान (तस्वीर-एएनआई)

मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने भले ही किसानों से धान खरीद (Paddy Purchase) को लेकर दावा किया हो कि सभी जगह व्यवस्था दुरुस्त है और किसानों (Farmers) से उचित मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. किसानों को धान खरीद केंद्रों पर अधिकारियों का घंटों नहीं कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है.

ऐसा ही एक मामला मुरादाबाद में सामने आया है. यहां जिले के डिंडोरी गांव के सरकारी धान क्रय केंद्र पर किसान पिछले 3 दिनों से सरकारी कर्मचारी या अधिकारी का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति वह धान किसे बेचें? उधर मामले में धान क्रय केंद्र के नोडल अफसर ने अब मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है.

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1329641080149606400?ref_src=twsrc%5Etfwतीन दिनों से डिंडोरी गांव में किसान अपने धान को लेकर सरकारी क्रय केंद्र पर कर्मचारियों, अफसरों का इंतजार कर रहे हैं. एक किसान ने कहा कि यहां कोई नहीं है. हम अपना धान बेचना चाहते हैं लेकिन वे बहाने बना रहे हैं ताकि खरीद में देरी हो जाए. किसानों ने कहा कि हर साल सरकारी कर्मचारी और दलालों के बीच साठगांठ के चलते उन्हें ये झेलना पड़ता है. सरकारी कर्मचारी चाहते ही नहीं हैं कि खरीद हो, क्योंकि उसमें उनकी कमाई नहीं होती है. वे किसी तरह मामले को लटकाते रहते हैं. आखिरकार परेशान दूसरी जगह औने-पौने दाम में धान बेच देता है, और उन लोगों से कमीशन कर्मचारियों को मिल जाता है.


उधर क्रय केंद्र पर किसी सरकारी कर्मचारी के नहीं होने की बात पर मुरादाबाद के धान क्रय केंद्र के नोडल अफसर ने कहा कि हमने मामले में रिपोर्ट तलब कर ली है. रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने साफ आदेश दिया है कि किसानों से खरीद के लिए धान क्रय केंद खुले रखने हैं. हम दोषियों को झोड़ेंगे नहीं. सीएम खुद कर रहे समीक्षा: अपर मुख्य सचिव, सूचना

उधर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, सूचना नवनीत सहगल कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है. इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के धान की खरीद समय से हो तथा उन्हें धान व मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य मिले. अब तक 135.54 लाख कुंतल धान की खरीद की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष से बहुत अधिक है. अब तक किसानों से 1,17,945.50 कुंतल मक्का की खरीद की जा चुकी है.


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