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लद्दाख में बनेगा टूरिस्ट स्टेशन, स्विटजरलैंड जैसा होगा नजारा, जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के लोगों को मिलेगा रोजगार

केंद्र सरकार लद्दाख में स्विट्जरलैंड के दावोस जैसा टूरिस्‍ट स्‍टेशन विकसित करने की योजना बना रही है.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) जम्‍मू-कश्‍मीर को दो हिस्‍सों में बांटकर बनाए गए केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) में स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) जैसा टूरिस्‍ट स्‍टेशन विकसित करने की योजना बना रही है. केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (MoRTH Nitin Gadkari) के मुताबिक, लद्दाख में जोजीला सुरंग (Zozila Tunnel) और जम्मू-कश्मीर के जेड-मोड़ के बीच 18 किलोमीटर इलाके में इस टूरिस्‍ट स्टेशन (Tourist Station) को बनाया जाएगा. इस बारे में लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपालों के साथ अगले सप्ताह बातचीत की जाएगी. बताया जा रहा है कि ये टूरिस्‍ट स्‍टेशन दावोस से भी ज्‍यादा सुंदर होगा.

टूरिस्‍ट स्‍टेशन प्रोजेक्‍ट से रोजगार के अवसर होंगे पैदा
नितिन गडकरी ने कहा कि हम एक टाउन बसाना चाहते हैं, जो स्विट्जरलैंड (Switzerland) के दावोस से अधिक सुंदर होगा. उन्‍होंने बताया कि इसे जोजीला सुरंग ओर जेड-मोड़ के बीच ऊंचाई वाले इलाके में बसाने की योजना है. यह विश्वस्तर की परियोजना (World-Class Project) होगी. इससे लद्दाख और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के लोगों के लिए रोजगार के नए व शानदार अवसर (Employment Opportunities) पैदा होंगे. बता दें कि जोजीला दर्रा समुद्र तल (Sea Level) से 11,578 मीटर की ऊंचाई पर श्रीनगर-करगिल-लेह मार्ग पर है.

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केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि इस टूरिस्‍ट स्‍टेशन प्रोजेक्‍ट के लिए लद्दाख और जम्मू-कशमीर के उप-राज्यपालों (Lieutenant Governors) की बैठक बुलाई गई है. इसके लिए जमीन इक्विटी कैपिटल (Equity Capital) के तौर पर लेने का विचार किया जा रहा है. परियोजना छह साल में पूरा करने का लक्ष्य है. इस नए टूरिस्‍ट स्‍टेशन का मैप स्विट्जरलैंड के किसी आर्किटेक्‍ट (Architect) से बनवाया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि इस समय जोजीला सुरंग का निर्माण तेजी से चल रहा है. यह एशिया की सबसे बड़ी सुरंग होगी. गडकरी ने अक्टूबर 2020 में इस सुरंग के निर्माण कार्य की शुरुआत की थी. इस सुरंग के बनने पर श्रीनगर और लेह के बीच रास्ता 12 महीने खुला रहेगा. फिलहाल सर्दियों में लेह बाकी देश से कट जाता है. इस सुरंग पर 11,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.


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