Advertisement
Categories: देश

मेट्रो कार शेड जमीन मामलाः फड़नवीस बोले- महाराष्ट्र CM ठाकरे का बयान गुमराह करने वाला

पूर्व मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि बीजेपी बस श्रेय के लिए काम करने में यकीन नहीं करती है. फाइलफोटो

मुम्बई. वरिष्ठ बीजेपी नेता देवेंद्र फड़णवीस (Devendra Fadnavis) ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की यह दलील खारिज कर दी कि मेट्रो कार शेड परियोजना (Metro Car Shade) को आरे कॉलोनी से कांजुरमार्ग स्थानांतरित करने से जमीन की उपलब्धता समेत भावी जरूरतों की पूर्ति होगी. ठाकरे का कहना था कि मेट्रो लाइनों के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए और जमीन की जरूरत पड़ सकती है.

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि मुख्यमंत्री ने परियोजना के स्थानांतरण से संबद्ध ‘‘वित्तीय प्रभावों’ पर उनकी ही सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार समिति की रिपोर्ट नहीं पढ़ी है. लाइव वेबकास्ट के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर केंद्र और विपक्षी बीजेपी तक पहुंचने का प्रयास करते हुए जान पड़े और उन्होंने वार्ता के माध्यम से इसके समाधान की अपील की.

कुछ दिन पहले बंबई उच्च न्यायालय ने प्रस्तावित समेकित मेट्रो कार शेड परियोजना के लिए कांजुरमार्ग में जमीन के आवंटन पर रोक लगा दी थी. फड़णवीस ने कहा कि बीजेपी बस श्रेय के लिए काम करने में यकीन नहीं करती है. ठाकरे ने कहा था कि कार शेड आरे से स्थानांतरित करने से सरकार ने वन एवं पर्यावरण को बचा लिया.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेट्रो लाइन 3 कार शेड के लिए आरे निर्माण स्थल को निरस्त कर दिया गया क्योंकि भविष्य में वन की कीमत पर और जमीन की जरूरत होगी. कांजुरमार्ग स्थल से अगले 50 से 100 सालों तक उद्देश्य की पूर्ति होगी.’’उन्होंने कहा, ‘‘आरे में कार शेड बस मेट्रो लाइन 3 (कोलाबा-बांद्रा सीप्ज) के लिए था, लेकिन कांजुर स्थल में तीन मेट्रो लाइनें-मेट्रो लाइन तीन (कोलाबा-बांद्रा सीप्ज), मेट्रो लाइन 4 (वडाला घाटकोपर-मुलुंड तीन हाथ नाका कसारवडवली) और मेट्रो लाइन छह (लोखंडवाला-जोगेश्वरी-कांजुर मार्ग) होंगी. इसके अलावा, यह मेट्रो लाइन 14 के लिए जंक्शन स्थल होगा.’’

फड़णवीस ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ठाकरे की यह टिप्पणी कि आरे में कारशेड आने पर भविष्य में और जमीन की जरूरत पड़ेगी, गुमराह करने वाली है.’’ उन्होंने मुख्यमंत्री से उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की ‘‘क्योंकि उसने परियोजना को कांजुरमार्ग ले जाये जाने पर राज्य को वित्तीय नुकसान होने और परियोजना में चार साल की देरी होने का जिक्र किया है.’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आप क्यों इस तथ्य को छिपा रहे हैं कि यदि कारशेड कांजुरमार्ग पर ले जाया जाता है तो भी आरे में निर्माण कार्य रोका नहीं जा सकता है? भूमिगत सुरंग का (निर्माण) कार्य आरे जमीन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है… इसमें 80 फीसद काम पूरा हो चुका है.’’ उन्होंने एक बार फिर कहा कि कारशेड परियोजना के स्थानांतरण से बस पैसे और धन की बर्बादी होगी.

पिछली बीजेपी नीत राज्य सरकार ने आरे कॉलोनी में मुम्बई मेट्रो लाइन 3 के लिए कारशेड के निर्माण का फैसला किया था, जबकि पर्यावरणिवदों ने इसके लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर इसका विरोध किया था.


Source link

Leave a Comment
Advertisement

This website uses cookies.