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महाराष्ट्र में शिवसेना के हिंदुत्व को चैलेंज करने को पूरी तरह तैयार BJP | nation – News in Hindi

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कह चुके हैं उन्हें बीजेपी से हिंदुत्व का पाठ सीखने की जरूरत नहीं. (फाइल फोटो)

मुंबई. महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे गए खत पर बवाल मच चुका है. मंदिरों को न खोलने के लिए गवर्नर ने उद्धव ठाकरे को सेकुलरिजम पर स्टैंड की याद दिलाई है. सीएम उद्धव ने भी कह दिया कि उन्हें किसी से हिंदुत्व का पाठ सीखने की जरूरत नहीं. महाराष्ट्र सरकार ने मंदिर नहीं खोले. लेकिन सरकार के इस कदम से बीजेपी को यह उम्मीद जग चुकी है कि वो हिंदुत्व के मुद्दे पर शिवसेना को घेर सकती है.

राजनीतिकि विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार की अगुवाई कर रहे हैं लेकिन समय-समय पर हिंदुत्व के एजेंडे को दोहराते भी रहते हैं. इससे उनकी दोनों सहयोगी पार्टियों को परेशानी भी होती है. गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे राम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम का भी हिस्सा बनना चाहते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था. अब यह भी कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे अगले नवंबर महीने में अयोध्या की यात्रा कर सकते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक एक बीजेपी विधायक का कहना है-उद्धव चाहते हैं कि वह हर कुछ समय पर हिंदुत्व की बात कर बीजेपी की काट निकाल सकते हैं. लेकिन ये उनका धोखा है. वो एक ही समय में दो राग नहीं गा सकते. अगर उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है तो उनके ‘सेकुलर’ एजेंडे पर बने रहना चाहिए. और हिदुत्व पर सिर्फ जुगलबाजी करने से बाज आना चाहिए.’

इन सबके बीच अगले साल मुंबई में निकाय चुनाव भी होने हैं. एक सीनियर बीजेपी नेता का कहना है कि ये चुनाव एक तरीके से अगले विधानसभा चुनाव का मिनी रेफेरेंडम होगा. इस चुनाव में बीजेपी और शिवसेना की लोकप्रियता का अंदाजा लग जाएगा. मंदिरों को लगातार बंद रखने का मुद्दा शिवसेना को चुनाव में भारी पड़ेगा.


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