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बिगड़ता ही जा रहा Air Pollution हुआ very poor, दिल्ली में 322 तो द्वारका में पहुंचा 373   | delhi-ncr – News in Hindi

दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

नई दिल्ली. अक्टूबर के अभी 14 दिन ही बीते हैं. लेकिन इस महीने के दूसरे दिन से ही दिल्ली (Delhi) की आव-ओ-हवा खराब होनी शुरु हो गई थी. आज से वायु प्रदूषण (Air Pollution) ने अपना रंग दिखाना शुरु कर दिया है. दिल्ली स्टेट की बात करें तो पीएम लेवल 322 और अगर द्वारका की बात करें तो वहां पीएम लेवल 373 के डरावने स्तर पर पहुंच चुका है. हालांकि कल ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) आने वाले 5-6 दिन तक हालात में किसी भी तरह के सुधार होने की उम्मीदों को नकार चुका है. वहीं दिल्ली सरकार ने पराली (Parali) और पावर प्लांट (Power Plant) को बंद करने की मांग करते हुए कई तरह के कदम उठाने शुरु कर दिए हैं.

15 अक्टूबर की दोपहर एक बजे यह था दिल्ली का हाल

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीबीसीबी) के अनुसार 15 अक्टूबर की दोपहर एक बजे पंजाबी बाग 334, आनंद विहार में 327, आया नगर 313, मथुरा रोड 334, द्वारका में सबसे खतरनाक 373, आईटीओ भी 367 पर आ गया है. वहीं लोधी रोड 191 पीएम के स्तर पर है. गौरतलब रहे लोधी रोड को छोड़कर बाकी सभी इलाके खराब हालात में हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि आने वाले 5-6 दिनों में न तो बारिश होने की कोई संभावना है और न ही हवा में किसी भी तरह का कोई बदलाव आने की गुंजाइश.

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सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्‍ली में 1 करोड़ वाहन रजिस्‍टर्ड हैं. इनमें से यदि 10 लाख वाहन वाले भी रेड लाइट ऑन होते ही अपनी गाड़ी बंद कर लेंगे तो वायु प्रदूषण में काफी कमी आएगी. साथ ही उन्‍होंने बताया कि ऐसा करने से वाहन चालक सालाना 7000 रुपये की बचत भी कर सकेंगे. सीएम केजरीवाल ने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए कार, ऑटो, बस आदि सबका साथ मांगा है, ताकि दिल्‍ली को वायु प्रदूषण से निजात दिलाई जा सके.

बता दें कि केंद्र सरकार ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीपीसीबी की 52 टीमें बनाई हैं, जो दिल्ली से लगे राज्यों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी में जाएंगी और वहां पर प्रदूषण के स्तर का जायजा लेंगी. ये सभी आज गुरुवार को रवाना हो गई हैं. सभी राज्यों में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं पर टीमें जाकर देखेंगी कि पर्यावरण मंत्रालय के द्वारा जारी निर्देशों का यहां पर पालन किया जा रहा है या नहीं. सीपीसीबी की इस टीम के बारे में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने खुद जानकारी दी है.


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