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बंगाल चुनाव से लेकर एक देश-एक चुनाव तक, जानें CEC सुनील अरोड़ा ने क्‍या कहा…

नई दिल्‍ली. देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) का कहना है कि अगर विधायिका कानून में संशोधन का फैसला करता है तो चुनाव आयोग एक देश एक चुनाव (One Nation One election) के लिए तैयार है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi ) ने कहा था कि एक देश एक चुनाव चर्चा नहीं बल्कि अब ये देश की जरूरत है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के चुनाव पर चुनाव आयोग की नज़र है और बंगाल के दौरे पर गई चुनाव आयोग की टीम की रिपोर्ट के बाद विधिसम्मत फैसला किया जाएगा. न्यूज़ 18 इंडिया संवाददाता नीरज कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त से NRI को पोस्टल बैल्ट की सुविधा से जुड़े प्रस्ताव, डिजिटल वोटर कार्ड, मध्य प्रदेश से जुड़ी सीबीडीटी की रिपोर्ट, जम्मू कश्मीर चुनाव समेत तमाम मसलों पर बात की. पेश है बातचीत के मुख्‍य अंश…

सवाल-
साल 2020 में दुनिया जब कोरोना का प्रकोप झेल रहे थी तो सवाल था कि क्या चुनाव हो पाएंगे. ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव का फैसला किया गया. कोरोना का प्रकोप अब भी जारी है और अगले साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. आप लोग कहते थे कि बिहार विधानसभा चुनाव कराने का फैसला कोरोना काल में सही फैसला है और उसको आप लोगों ने साबित किया पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की कैसी तैयारी है?
जवाब-देखिए, जो हमारा सिस्टम होता है काफी बैकग्राउंड होमवर्क होता है. हमारे सेक्रेटरी जनरल ने बंगाल समेत 5 राज्यों के चुनाव को लेकर सीबीएसई के लोगों के साथ बैठक की हैं ताकि बच्चों के की परीक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके ताकि चुनाव के समय के साथ कोई टकराव (तारीखों) ना हो. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई फोर्स को लेकर. यह सारे दौर खत्म हो गए. बंगाल के उप चुनाव आयुक्त पहले बंगाल के दौरे पर गए. सोमवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी भी अधिकारी जाएंगे उमेश सिन्हा. चुनाव आयोग का जो पहला फेज होता है कि एक बार अधिकारी जाकर आते हैं फिर चुनाव आयोग जाता है प्रारंभ हो चुका है.

सवाल-
चुनाव तैयारी की प्रक्रिया के शुरुआत हो चुकी है. बंगाल के चुनाव को जिस तरह से देखा जा रहा है. यह कहा जा रहा है कि बहुत आक्रामक चुनाव होगा. राजनीतिक तौर पर बीजेपी के अध्यक्ष पर हमला हुआ बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल भी आपसे मिला. आपसे अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग और तत्काल चुनाव आचार संहिता लगाने की मांग की गई क्या कहेंगे?
जवाब-
राजनैतिक दृष्टि से क्या समस्याएं हैं उस पर नजर आप लोग रखते हैं और सुर्खियां भी बनाते हैं. कई बार न भी होता है तो आप लोग सुर्खियां बना देते हो लेकिन इसमें थी तो आपने बनाई.
बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल हमारे पास आया था. उन्हें हमने चुनाव आयोग के अधिकारी के दौरे के बारे में बताया. बंगाल से जुड़े DEC दौरे के बाद जो जानकारी देंगे उसके बाद विधि सम्मत फैसला हम करेंगे .

सवाल-
बंगाल में हिंसा मुक्त चुनाव होगा इस बात का विश्वास है आपको?
जवाब-
किसी चीज पर एफिडेविट तो हम नहीं देते हमारी कोशिश यही है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करें. अभी तक भगवान ने कामयाबी दी है चुनाव आयोग की कोशिशों को आशा करते हैं कि आगे भी कामयाबी मिलेगी.

सवाल-
आपने कहा की बंगाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे?
जवाब-
बंगाल और चुनावी राज्यों में पूरा आयोग भी जाएगा. हम लोग को इंपीरिकल इनपुट चाहिए होता है. जो अधिकारी जाते हैं राज्यों के दौरे पर उनकी रिपोर्ट हमारे लिए अहमियत रखती है.
हमने ये भी कहा कि इसके बाद आयोग भी जाएगा. चुनावी राज्यों में अधिकारियों से बातचीत करते हैं. चुनावी राज्य में हम प्रारंभ करते हैं राजनीतिक दलों से बातचीत से शुरूआत करते हैं
चुनावी राज्यों पर हमारी नजर आपसे ज्यादा रहती है. जहां-जहां चुनाव है वहां हमारी नजर है.

सवाल-
कितने फेस में चुनाव करेंगे और घोषणा कब होगी?
जवाब-
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की घोषणा करेंगे आपको भी आमंत्रित करेंगे तब पता चलेगा कि कितने चरण में चुनाव होगा?

सवाल-
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान को लेकर सीबीडीटी के रिपोर्ट को लेकर आपने एक बड़ा फैसला किया किस आधार पर यह कार्रवाई आप लोगों ने की है?
जवाब-
सीबीडीटी रिपोर्ट विश्वसनीय थे और किसी से साझा नहीं की गई थी पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान सीबीडीटी ने कुछ कार्रवाई की थी. रिपोर्ट हमारे पास आई, आयोग की बैठक हुई. आयोग की बैठक में तय हुआ कि इसे डीओपीटी को भेजा जाए और आगे वह सीबीआई कार्रवाई करें. अभी जो रिपोर्ट आई वह 1 तरीके से पूरक रिपोर्ट थी. इस रिपोर्ट में कुछ हिस्से पहली नजर में बहुत आपत्तिजनक लगे उसमें कुछ अधिकारियों के नाम थे कि उन्होंने कैसे पैसा पहुंचाया किसके जरिए पहुंचाया सारा विवरण था
आयोग ने तय किया कि रिपोर्ट को मुख्य चुनाव अधिकारी मध्य प्रदेश को भेजेंगे. वह देश के साथ की वहां की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग को देखें ताकि धाराएं लगाकर जांच हो.
हम किसी पार्टी का नाम नहीं लेते ( एक पार्टी के मामले में)

सवाल-
क्या आने वाले दिनों में इस मामले में चुनाव आयोग और कार्रवाई करेगा या जो नेता शामिल थे उन पर भी कार्रवाई होगी?
जवाब-
रिपोर्ट में तीन तरह की कैटेगरी है, रिपोर्ट का आगे का विश्लेषण भी जारी है जो पूरक रिपोर्ट है वह भी 2 से ढाई सौ पन्नों की है. तीन चार सौ पन्नों का एनेक्सचर है जो भी कार्रवाई विधि सम्मत होगी वह की जाएगी और आपके साथ शेयर की जाएगी.

सवाल-
क्या राजनीतिक दलों के लोगों पर भी कार्रवाई होगी?
जवाब-
यह आयोग में अभी चर्चा नहीं हुई है.

सवाल-
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल परिसीमन के बाद कितने आशावादी हैं लोकतंत्र को जम्मू कश्मीर में बहाल और जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव कराने को लेकर?
जवाब-
चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव भी कराया था कुछ विधानसभा क्षेत्रों में तो 3 चरणों में चुनाव कराना पड़ा. जब चुनाव आयोग को जिम्मेदारी आएगी तो चुनाव आयोग न कभी जिम्मेदारी से पीछे हटा है,ना हटेगा. हम लोग अपनी जिम्मेदारी को पूरा करेंगे.

सवाल-
एक देश एक चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कि अब चर्चा की जरूरत नहीं अब यह देश की जरूरत है? चुनाव आयोग कितना तैयार है?
जवाब-
हम इसके लिए तैयार हैं. सारे व्यापक संशोधन जो विधायिका करती है, अगर होता है तो चुनाव आयोग तैयार है (एक देश एक चुनाव के लिये). चुनाव आयोग ना इसके लिए अधिकृत है न करता है.

सवाल-
NRI वोटर्स को लेकर आपने एक प्रस्ताव कानून मंत्रालय को भेजा है. पोस्टल बैलट की सुविधा देने को लेकर विदेश मंत्रालय के लोगों से भी अनौपचारिक तौर पर चर्चा हुई. क्या पांच राज्यों के चुनाव में NRI वोटर्स को पोस्टल बैलट का अधिकार दिया जाएगा?
जवाब-
पांच राज्यों वाला लक्ष्य बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी है. लेकिन यस हमने जो प्रस्ताव भेजा वह प्रक्रिया 2011 से चल रही है. हमने पत्र भेजा है. विदेश मंत्रालय के सचिव से चर्चा हुई. कई स्तर की बातचीत होनी है इसके लिये अभी. 5 राज्यों के चुनाव में होगा थोड़ा महत्वाकांक्षी लगता है. हो जाये तो बहुत अच्छा.
ये गलत है कि कुछ खास देशो को देने की बात है.हमारे लिये नागरिक किसी देश में हैं सब देश के नागरिक हैं. 2011 से ये प्रक्रिया शुरु हुई थी. बिल भी आया था लेकिन संसद भंग हो गई थी. हमारा सुझाव है कि नियमों में बदलाव ही काफी होगा. कानूनी तौर पर जांच करके प्रस्ताव भेजा है. कानून मंत्रालय प्रस्ताव को देखेगा. विदेश मंत्रालय और कानून मंत्रालय की अनुमति के बाद हम तुरन्त जुट जाएंगे.

सवाल-
वोटर कार्ड को डिजिटल कब तक हो जाएगा या सिर्फ ये विचार के स्तर पर है?
जवाब-
ये विचार के स्तर पर नहीं, हमारी टेली डेंसिटी बहुत बढ़ गई है. डिजिटल कार्ड का उद्देश्य उन वोटरों के लिए है जो युवा और शिक्षित है जो कि डिजिटली अपना कार्ड बनवाना चाहते हैं फर्क यह है कि इस गाड़ी में एक एक बार कोड होगा क्यूआर कोड होगा जिसमें जरूरी जानकारियां और भी होंगे. आने वाले वित्तीय साल या इसी वित्तीय साल में इसके शुरुआत हो जाएगी. हमारी कोशिश यही है कि तमाम लोगों को यह सुविधा दी जाए और इच्छा भी.

सवाल-
पांच राज्यों के चुनाव को लेकर सबकी नजर आप पर है. बिहार के बाद अब पांच राज्यों के चुनाव पर नजर है. बंगाल सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा है?
जवाब-
कोरोना महामारी है. चुनाव के दौरान किसी को कोरोना नहीं होगा इसमें चुनाव का कोई योगदान तो है नहीं बिहार में सारी गाइडलाइंस के थ्रू चुनाव कराने की कोशिश की गई. कोरोना न फैले और उसके प्रति लोग सचेत रहें बिहार के लोगों का धन्यवाद बिहार के लोगों ने और महिलाओं ने बहुत सहयोग दिया ज्यादा से ज्यादा वोट करके पहले से ज्यादा मतदान हुआ, वहां के प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया.
5 राज्यों का प्रशासन भी ऐसा करेगा. ऐसे तत्वों (चुनाव में हिंसा के संदर्भ में) से कैसे निपटा जाए वो प्रशासन देख लेगा. हमारी कोशिश रहेगी कि अधिक प्रयास करके समावेशी और सुरक्षित चुनाव हो.

सवाल-
टीएमसी ने कहा कि बंगाल में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का अधिकार अभी आयोग के पास नहीं है?
जवाब-
आयोग राजनीतक दलों के नेताओं के बयान पर टिप्पणी नहीं करता.


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