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पटाखा बैन को लेकर ट्रोल होने वाली IPS डी रूपा ने बताई अपनी कहानी, कैसे उमा भारती की गिरफ्तारी से शुरू हुआ था करियर

नई दिल्‍ली. दिवाली पर पटाखा न जलानों को लेकर ट्वीट करने के बाद ट्रोल हुईं आईपीएस अफसर और कर्नाटक की प्रमुख सचिव गृह डी रूपा (D Roopa) ने ट्विटर से ब्रेक ले लिया है. ट्रोलर्स की ओर से उन्‍हें ट्रोल किए जाने के बाद उन्‍होंने यह फैसला लिया. इसकी जानकारी उन्‍होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है. साथ ही उन्‍होंने अपने ट्विटर अकाउंटर पर लिखा है कि वह सरकारी कर्मचारी होने के कारण ट्रोलर्स को उनकी ही भाषा में जवाब नहीं दे सकतीं.

डी रूपा ने एक और ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा, ‘ट्विटर से ब्रेक लेने से पहले मैं उन सेलिब्रिटीज के लिए ये वीडियो शेयर कर रही हूं जो मेरे बारे में बिना कुछ जाने बोलते हैं. यह हिंदी में है, जिसे मैंने साउथ इंडियन होने के बावजूद दूरदर्शन देखकर सीखा था.’

आईपीएस डी रूपा ने अपने ऊपर बने एक यूट्यूब वीडियो को शेयर किया है. इसमें उन्‍होंने बताया है कि यूपीएससी में 43वीं रैंक आने के बाद भी मैंने आईपीएस का चुनाव किया. उन्‍होंने कहा कि अगर मेरे पैरेंट्स यह कहते कि तुम लड़की हो, पुलिस में मत जाओ तो मैं आज यहां आपके सामने खड़ी ना होती. उन्‍होंने बताया कि उनके अब तक के 18 साल के करियर में 40 बार ट्रांसफर हुए हैं.

आईपीएस डी रूपा वीडियो में कहती दिख रही हैं, ‘जब मैं तीसरी क्‍लास में थी तो मेरे टीचर ने पूछा कि बच्‍चों बड़े होकर क्‍या बनना है. आज मत बताओ तुम लोग पहले घर जाओ और अपने मां-बाप से बातचीत करके बताना. मेरी मां ने कहा कि तुम डॉक्‍टर बनो, पिता ने कहा कि तुम आईपीएस या आईएएस बनो. मुझे वो लीडरशिप पसंद आई. मैं अगले दिन स्‍कूल गई. मैंने वहां कहा कि मैं आईपीएस बनूंगी तो मेरी मैडम को यह बात इतनी अच्‍छी लगी कि उन्‍होंने सबसे कहा कि ताली बजाओ.’उमा भारती की गिरफ्तारी से शुरू हुआ करियर
डी रूपा ने अपने मोटिवेशन वीडियो में बताया कि ‘जब मैं आईपीएस ऑफिसर बनी तब मेरी उम्र थी महज 24 साल. मेरी पहली पोस्टिंग धारवाड़ में हुई थी. मैं बस प्रशासनिक कार्य को समझ रही थी. उस समय हुबली कोर्ट ने मध्‍य प्रदेश के तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. यह मेरे लिए बड़ी जिम्‍मेदारी थी. मैंने यह किया. यहीं से मेरे करियर की शुरुआत हुई.’
https://twitter.com/D_Roopa_IPS/status/1330103682592018432?ref_src=twsrc%5Etfwबता दें कि वीडियो में रूपा में जिस मुख्यमंत्री का जिक्र कर रही हैं, वह मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती हैं, जिसकी गिरफ्तारी का जिम्मा उन्हें ही मिला था और तब यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था. इस कारण उमा भारती को सीएम का पद छोड़ना पड़ा था.बता दें कि पिछले दिनों आईपीएस अफसर डी रूपा और एक ट्विटर यूजर के बीच पटाखा बैन को लेकर बहस हो गई थी. डी रूपा का कहना था कि पटाखे दिवाली से जुड़े रीति-रिवाजों का हिस्सा नहीं रहे हैं. उनका कहना था कि 15वीं शताब्दी में आतिशबाजी सामने आई थी, इसलिए इस पर बैन को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए. इसके बाद डी रूपा के खिलाफ लिखे गए एक लेख के बाद यह विवाद फिर गरमा गया है.

डी रूपा ने ट्वीट किया, ‘मेरे ऊपर दबाव बनाने के लिए मेरे खिलाफ हैशटैग चलाए गए. सब अच्छे से जानते थे कि मैं बतौर सरकारी कर्मचारी ट्रोलर्स को उनकी भाषा में जवाब नहीं दे सकती. आप बताइए ट्विटर पर ज्यादा पावरफुल कौन है?


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