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पंजाब में फिर रफ्तार भरेंगी ट्रेनें, 15 दिनों के लिए रुकेगा किसानों का ‘रेल रोको आंदोलन’

केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसान 15 दिन के लिए रेल रोको आंदोलन स्‍थगित कर रहे हैं.

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों (Farm Bills) का विरोध कर रहे पंजाब के किसान संगठनों (Farmers’ Organisations) ने आम लोगों के लिए राहत भरा फैसला लिया है. किसान संगठनों ने पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर (CM Amrinder Singh) से शनिवार को हुई बैठक के बाद फैसला लिया कि वे 23 नवंबर 2020 से ‘रेल रोको आंदोलन’ (Rail Roko Andolan) 15 दिन के लिए स्‍थगित कर रहे हैं. किसानों के इस फैसले से पंजाब (Punjab) में एकबार फिर यात्री ट्रेनों (Passenger Trains) की आवाजाही शुरू हो जाएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि, किसानों ने कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे फिर प्रदर्शन करेंगे.

कैप्‍टन अमरिंदर ने केंद्र से की फिर ट्रेनें चलाने की अपील
किसानों के साथ बैठक के बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया कि 23 नवंबर की रात से किसान यूनियन ने 15 दिन के लिए रेल रुकावटों को खत्‍म करने का फैसला लिया है. मैं इस कदम का स्वागत करता हूं, क्योंकि यह राज्‍य की अर्थव्यवस्था (Economy) के लिए सामान्य स्थिति बहाल करेगा. साथ ही उन्‍होंने केंद्र सरकार (Central Government) से पंजाब के लिए रेल सेवाओं (Train Operations) को फिर शुरू करने की अपील की. मुख्यमंत्री कैप्‍टन सिंह के साथ मुलाकात करने से पहले किसान संगठनों ने ‘रेल रोको आंदोलन’ पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक की. बता दें कि नए कृषि कानूनों (New Farm Law) के विरोध में किसान संगठन 24 सितंबर से रेल रोको आंदोलन कर रहे थे.

ये भी पढ़ें- 31 दिसंबर से पहले दाखिल कर दें ITR, जानें ऑफलाइन और ऑनलाइन फाइल करने का पूरा तरीकाकिसान संगठनों पर इंडस्‍ट्रीज का भी पड़ा खासा दबाव

किसान संगठनों ने पहले पंजाब में मालगाड़ियों (Goods Trains) की आवाजाही के लिए सहमति दी थी. हालांकि, ट्रेनों की बहाली को लेकर प्रदर्शनकारी किसानों और रेलवे के बीच गतिरोध जारी रहा. किसान संगठनों का कहना था कि अगर केंद्र राज्य में पहले मालगाड़ियों का संचालन शुरू करता है तो वे यात्री ट्रेनों को चलाने की अनुमति देंगे. रेलवे ने मालगाड़ियों को फिर चलाने से इनकार करते हुए कहा कि मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों दोनों का संचालन किया जाएगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो दोनों में किसी तरह की ट्रेनों का संचालन नहीं किया जाएगा. किसान संगठनों पर इंडस्‍ट्रीज का भी दबाव था, जिन्हें राज्य में मालगाड़ियों के नहीं चलने से करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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इंडियन रेलवे को हुआ 2,200 करोड़ रुपये का नुकसान
पंजाब के किसान संगठनों की ओर से 24 सितंबर 2020 से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन (Farmers Agitation) के कारण 3,850 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है. अब तक 2,352 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके रूट्स में बदलाव (Routs Diversion) किया गया. इंडियन रेलवे (Indian Railways) ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों की ओर से जारी विरोध के कारण उसे पैसेंजर ट्रनों में 67 करोड़ रुपये समेत कुल 2,220 करोड़ रुपये की आमदनी का नुकसान हुआ है.


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