Advertisement
Categories: देश

नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में रहते हैं तो पढ़ें ये खबर, अधिकतर इलाके आ गए ‘रेड जोन’ में

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकतर इलाके में वायु की गुणवत्ता में हो रही है गिरावट.

नोएडा. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सोमवार को वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया. क्षेत्र के अधिकतर इलाके ‘रेड जोन’ में आ गए. एनसीआर के प्रमुख शहरों में गाजियाबाद में वायु प्रदूषण सबसे अधिक रहा. इसके बाद नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा का स्थान रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण सूचकांक ऐप ‘समीर’ के अनुसार सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गाजियाबाद में 374, नोएडा में 358, ग्रेटर नोएडा में यह सूचकांक 352 दर्ज किया गया.

वायु की गुणवत्ता में फिर से हो रही है गिरावट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण सूचकांक ऐप ‘समीर’ के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के फरीदाबाद में एक्यूआई 283 और गुरुग्राम में यह 263 दर्ज किया गया. वहीं, बुलंदशहर में एक्यूआई 384, बागपत में 298, हापुड़ में 164 दर्ज किया गया.

एनसीआर के कई इलाके रेड जोन में आ गए हैं.

कई इलाके रेड जोन में
एनसीआर के प्रमुख शहर सोमवार को ‘रेड जोन’ में आ गए. प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया, ‘वायु प्रदूषण को रोकने के लिए जनपद में अक्टूबर माह से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है। नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रदूषण विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है.’

दिल्ली सरकार ने की थी ये कवायद
अभी हाल ही में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने वायु की गुणवत्ता में सुधार और धूल प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक एंटी-स्मॉग गन का उद्घाटन किया था. केजरीवाल ने तब दावा किया था कि ट्रक आधारित यह एंटी-स्मॉग गन शहर में धूल प्रदूषण को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. एंटी-स्मॉग गन में 5000 लीटर की क्षमता वाला पानी का टैंक है और यह लगातार 3-4 घंटे काम करता रहेगा. दिल्ली सरकार के ‘युद्ध, प्रदुषण के विरुद्ध’ अभियान के तहत राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 23 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, ताकि धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके.

ये भी पढ़ें: Air Pollution कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनाया ये नायाब तरीका

बता दें कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. (भाषा)


Source link

Leave a Comment
Advertisement

This website uses cookies.