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दशहरा और दिवाली पर घर जाते वक्त ट्रेन में इन नियमों को तोड़ा तो होगी जेल! लग सकता है जुर्माना भी | business – News in Hindi

अब ट्रेन में कुछ यात्रा नियमों को सख्‍ती से लागू किया जाएगा. इन नियमों को तोड़ने वालों पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच भारतीय रेलवे (Indian Railways) एक के बाद एक नई ट्रेनें शुरू करने का फैसला ले रहा है. इसी कड़ी में रेलवे ने त्‍योहारों में 392 स्‍पेशल ट्रेनें (Special Trains) शुरू करने की घोषणा भी की है. एक तरफ रेलवे यात्री सुविधाओं को ध्‍यान में रखकर लगातार निर्णय ले रहा है तो दूसरी तरफ उन्‍हें कोरोना वायरस से बचाए रखने के लिए कुछ नियमों का पालन भी कर रहा है. इसी क्रम में रेलवे ने त्‍योहारों में बढ़ी हुई मांग (Festive Demand) को देखते हुए सख्‍त यात्रा नियम (Travelling Rules) जारी किए हैं. साथ ही हिदायत दी है कि कोई इन निमयों को तोड़ेगा तो उसे जेल जाना (Imprisonment) पड़ सकता है. साथ ही उस पर जुर्माना (Penalty) भी लगाया जा सकता है.

RPF ने त्‍योहारों को ध्‍यान में रखकर जारी किए नियम
रेलवे ने साफ किया है कि मास्क नहीं पहनने, कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर रेल अधिनियम की विभिन्‍न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. यही नहीं, उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. नियम तोड़ने पर यात्री को कैद की सजा भी हो सकती है.

रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने त्योहारी मौसम के लिए सख्‍त दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनमें कहा गया है कि रेल परिसर में मास्क नहीं पहनने या सही तरीके से नहीं पहनने पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, लोगों से कहा गया है कि वे सामाजिक दूरी के नियमों का भी पालन करें.ये भी पढ़ें- केंद्र के खास प्‍लान से बढ़ेगी किसानों की आय! सब्‍जी-फलों के रेलभाड़े में लागू की 50 फीसदी छूट

सार्वजनिक जगहों पर थूकना भी माना जाएगा अपराध
आरपीएफ के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अगर कोई व्‍यक्ति संक्रमित होने की पुष्टि होने या टेस्‍ट रिपोर्ट लंबित रहने के दौरान रेल क्षेत्र में या स्टेशन पर आने या ट्रेन में सवार होने या स्टेशन पर हेल्‍थ टीम की ओर से यात्रा की मंजूरी नहीं दिए जाने पर भी ट्रेन में सवार होता है तो उसे जेल जाना पड़ सकता है. इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर थूकना भी अपराध माना जाएगा.

स्टेशन परिसर और ट्रेनों में गंदगी फैलाने या जनस्वास्थ्य व सुरक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों करते हुए पाए जाने पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, रेल प्रशासन की ओर से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी किसी दिशानिर्देश का पालन नहीं करने पर भी सख्‍त कार्रवाई होगी.

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पांच साल तक की कैद और जुर्माना की हो सकती है सजा
रेलवे पुलिस फोर्स ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को बढ़ाने वाली गतिविधियों से किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. इसलिए संबंधित व्‍यक्ति को रेल कानून की धारा-145, 153 और 154 के तहत सजा दी जा सकती है.

रेल अधिनियम की धारा-145 (नशे में होना या उपद्रव करना) के तहत एक महीने तक की कैद हो सकत है. वहीं, धारा-153 (जानबूझ कर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत जुर्माना और पांच साल तक की कैद हो सकती है. धारा-154 (लापरवाही से सहयात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.


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