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तेलंगाना और महाराष्ट्र में बारिश के चलते 77 लोगों की मौत, करोड़ों की फसल बर्बाद

हैदराबाद. तेलंगाना (Telangana) में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और अचानक आयी बाढ़ में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई. राज्य सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (CM K Chandrashekhar Rao) की अध्यक्षता में हो रही समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) क्षेत्र में 11 लोगों की मौत हो गई. प्रारंभिक अनुमानों के आधार पर राव ने कहा कि बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक आयी बाढ़ के कारण राज्य में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. राव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखकर राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए तुरंत 1,350 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है.

वहीं महाराष्ट्र (Maharashtra) के सोलापुर, सांगली और पुणे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो गई है. एक अधिकारी ने बताया कि बहरहाल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को पड़ोसी सोलापुर जिले के मोहोल तहसील के एक गांव में भेजा गया, जहां बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. पुणे और उसके पड़ोसी सोलापुर और कोल्हापुर जिलों में बुधवार को भारी वर्षा हुई, जिससे कुछ निचले इलाकों में बाढ़ आ गई.

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दौंद पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के खनोटा गांव में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने बुधवार शाम को जलधारा को पार करने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज प्रवाह में बह गये. उन्होंने बताया, ‘‘हमने गुरुवार सुबह तीन शव बरामद किए और चौथे व्यक्ति की तलाश जारी है.’’ पुणे में भारी बारिश के बाद कई निचले इलाकों में बुधवार रात जलजमाव हो गया.मुंबई में सांताक्रूज़ में 86 मिमी बारिश दर्ज की गई, पुणे शहर में 112 मिमी, बारामती में 148.4 मिमी और रत्नागिरी शहर में 217 मिमी बारिश दर्ज की गई. इन भागों में बारिश ने धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया. पुणे में हुई बारिश से शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शहर में बुधवार को 96 मिमी बारिश हुई. आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में पुणे और आसपास के इलाकों में गरज के साथ भारी वर्षा की आशंका जतायी है.

12 अक्टूबर और 15 अक्टूबर की सुबह के बीच, नांदेड़, लातूर बीड, परभणी और उस्मानाबाद जिलों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जिससे सोयाबीन और कपास की फसल पूरी तरह से खराब हो गई. राज्य में अनुमानित 50 लाख हेक्टेयर में नुकसान देखा जा सकता है, जिसमें सोयाबीन और कपास की खेती 40 लाख हेक्टेयर से अधिक पर की जाती है.

प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे येदियुरप्पा
उधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि वह भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य करने के लिए आवश्यक धनराशि जारी की जा रही है.

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येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कल (शुक्रवार) सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक करूंगा और मैं आवश्यक धनराशि भी जारी कर रहा हूं.’’ वह उत्तर कर्नाटक के कई हिस्सों में आयी बाढ़ को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हमारे जिला प्रभारी मंत्री अपने संबंधित जिले की स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट देंगे . उसके बाद हम प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे.


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