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तनिष्क से पहले इन 12 ऐड को लेकर भी हो चुकी है भारी कंट्रोवर्सी, देखें पूरी लिस्ट | nation – News in Hindi

सारे ही ब्रांड (Brands) अपने प्रॉडक्ट (Product) की ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिए हर संभव कोशिश करना चाहते हैं. इसके लिए वे ज्यादा से ज्यादा आकर्षक और इंगेजिंग ऐड (Advertisement) बनाने की कोशिश करते हैं. लेकिन कई बार उनके आईडिया लोगों का ध्यान खींचने और इंटरटेन (entertain) करने के बजाए उन्हें नाराज कर देते हैं. कई बार ब्रांड्स ऐसे आईडिया के साथ ऐड बनाते हैं कि उन्हें भी पता नहीं चलता और दर्शकों/ ग्राहकों (viewers/ customers) के लिए मर्यादा की रेखा पार हो गई होती है. हालांकि शायद ही कोई ब्रांड ऐसा जानबूझकर करना चाहता है. ऐसा ही कुछ हुआ है, तनिष्क (Tanishq) के नये ऐड के साथ. इस ऐड में एक मुस्लिम (Muslim) महिला को अपनी हिंदू (hindu) बहू के लिए गोदभराई (baby shower) की रस्म हिंदू परंपरा के मुताबिक आयोजित करते दिखाया गया था.

जहां कुछ लोगों ने इस ऐड (Advertisement) की तारीफ की तो बड़ी संख्या में जनता ने इस ऐड की आलोचना भी की. मजबूरन तनिष्क को अपना यह ऐड सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (social media platforms) से हटाना पड़ा. लेकिन जैसा बताया गया कि यह पहली बार नहीं है कि ऐसा हुआ हो, इससे पहले भी ऐसी चीजें होती आई हैं. ऐसे में हम आपके लिए लाए हैं उन 12 कंट्रोवर्सियल ऐड (Controversial Advertisement) की लिस्ट जिनके रिलीज होने के बाद ब्रांड्स को जनता का जबरदस्त गुस्सा झेलन पड़ा था.

टफ शूज (1995)- साल 1995 में शूट हुए टफ शूज के ऐड में उस दौर के दो सुपर मॉडल मिलिंद सोमण और मधु सप्रे न्यूड को न्यूड अवस्था में सिर्फ जूते पहने हुए दिखाया गया था. इस ऐड की तस्वीर में उन्होंने अपने शरीर में एक अजगर लपेटा हुआ था. ऐड रिलीज होने के बाद इसपर राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोवर्सी हुई थी. मॉडल्स पर अशोभनीय व्यवहार का केस भी हुआ था. इसके अलावा उनपर एक और केस वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत भी हुआ था, जिसमें अजगर के गैरकानूनी प्रयोग को जानवरों के प्रति क्रूरता बताया गया था.

अमूल माचो (2007)- इस ऐड में भारतीय अभिनेत्री और मॉडल सना खान थीं. उन्हें इसमें मादक हावभाव के साथ एक अंडरवियर धोते हुए दिखाया गया था. जाहिर है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को यह ऐड पसंद नहीं आया था और उन्होंने इसे अश्लील और ‘अभद्र, अश्लील और भड़काऊ’ बताते हुए बैन कर दिया था.

फास्टट्रैक (2011)- फास्ट ट्रैक ने क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा के साथ एक टीवी कॉमर्शियल की सीरीज बनाई थी. इसमें से एक ऐड में पायलट बने विराट कोहली और एयर-होस्टेस बनी डिसूजा को कॉकपिट में रोमांस करते और अपने साथी यात्रियों की जान खतरे में डालते हुए दिखाया गया था. कई सारे लोगों ने इस ऐड को इंसानों की जान के लिए उपेक्षा बरतने वाला बताया था. उड्डयन क्षेत्र के कई लोगों की ओर से भी इस ऐड की आलोचना की गई थी.

कलीडा (1998)- स्विट्जरलैंड स्थित इनरवियर बनाने वाली कंपनी कलीडा ने अपने एक ऐड के लिए बिपाशा बसु और डिनो मोरिया को कास्ट किया था. ऐड में डिनो को बिपाशा का अंडरवियर दांतों से खींचते हुए दिखाया गया था. कई महिला संगठनों की ओर से इस पर सवाल उठाये जाने के बाद अंतत: इस ऐड को बैन कर दिया गया था. बसु ने भी यह दावा किया था कि यह बिल्कुल प्राइवेट क्षण थे और उन्होंने नहीं सोचा था कि इसका कमर्शियल इस्तेमाल किया जायेगा.

फोर्ड फिगो (2013)- फोर्ड मोटर कंपनी को अपने एक ऐड की टैगलाइन के लिए माफी मांगनी पड़ी थी. यह टैगलाइन थी, अपनी चिंताओं को फिगो की बड़ी डिग्गी के लिए छोड़ दें. इस ऐड में एक कार्टून दिखाया गया था जिसमें तीन महिलाओं को कार के पीछे बंधा दिखाया गया था और इस कार को सिल्वियो बर्लुस्कोनी चला रहे थे, जो कि इटली के पूर्व प्रधानमंत्री थे. दुनिया की सबसे बड़ी ऐड एजेंसियों में से एक जेडब्ल्यूटी इंडिया ने इसे पोस्ट किया था. हालांकि बाद में कहा गया था कि इस ऐड का एजेंसी में पूरी तरह से रिव्यू नहीं हो पाया था.

फोर्ड फिगो का वह ऐड जिस पर हुआ था विवाद (फोटो- फर्स्टपोस्ट)

मैनफोर्स कंडोम (2014)- बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी को इस ऐड में मादक तरीके से काले अंगूरों तक पहुंचते दिखाया गया था. सीपीआई नेता अतुल अंजान और पूर्व दिल्ली महिला आयोग की बरखा सिंह ने इस ऐड को बैन किये जाने की मांग की थी. उन्होंने इसे ‘घटिया, भद्दा और अनैतिक’ बताया था और आरोप लगाया था कि ‘ऐसे ऐड देश में रेप को बढ़ावा देते हैं.’

वर्जिन मोबाइल (2010)- भारत में आईपीएल के तीसरे सीजन के दौरान वर्जिन मोबाइल ने भारत में एंट्री मारी थी. इसके ऐड में अलग-अलग टीमों के सपोर्टर दोस्तों को मैच के बाद एक-दूसरे को फोन करके उनके ट्रोल करते दिखाया गया था. कुछ दिन तक ये ऐड चले लेकिन बाद में इन्हें बंद करना पड़ा.

कामसूत्र कंडोम ऐड (1991)- साल 1991 में आए इस ऐड में मॉडल पूजा बेदी और सुपरमॉडल मार्क रॉबिन्सन को कास्ट किया गया था. जब सिर्फ ‘प्यार हुआ, इकरार हुआ’ जैसे गाने ही लोगों को नाराज कर देते थे कामसूत्र के इस ऐड में ‘चरमसुख और सेक्स’ जैसी चीजों को फिल्माया गया था. इस ऐड को बैन कर दिया गया था और इसके प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी.

मोटोरोला फोन ऐड (2008)- मोटोरोला C550 फोन के इस ऐड में एक शख्स को फोन से छिप-छिपकर लोगों की अंतरंग तस्वीरें लेते दिखाया गया था. हालांकि यह ऐड कभी भी रिलीज नहीं हो सका.

लक्स कोजी (2007)- लक्स कोजी के ऐड के साथ भी वैसा ही हुआ जैसा अमूल माचो के ऐड के साथ हुआ था. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस ऐड को “अभद्र, अश्लील और भड़कीला” बताते हुए बैन कर दिया था. इस ऐड में एक पुरुष को अंडरवियर पहनकर एक कुत्ते के पीछे भागते हुए दिखाया गया था.

कैडबरी टेम्पटेशन्स (2002)- साल 2002 में कैडबरी ने एक ऐसा ऐड जारी किया था, जो ऐड के इतिहास में सबसे बड़ी भूलों में गिना जाना चाहिए. एक न्यूजपेपर ऐड में भारत का बड़ा सा नक्शा प्रदर्शित किया गया था और जम्मू-कश्मीर के ऊपर लिखा गया था, ‘टू गुड टू शेयर’. इस ऐड की टैगलाइन थी- “मैं अच्छा हूं, मैं आकर्षक हूं, मैं क्या हूं? कैडबरी का टेम्पटेशन्स या कश्मीर?”

कैडबरी के इस ऐड को सबसे ज्यादा लोगों को नाराज करने वाला ऐड माना जा सकता है

सेट वेट ज़टाक और वाइल्ड स्टोन डियो (2011)- डियोड्रेंट के इन ऐड में महिलाओं को कामवासना में भरकर स्प्रे डाले पुरुष के पीछे भागते दिखाया गया था. मंत्रालय ने इसे भी “अभद्र, अश्लील और भड़कीला” बताया था.

एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने चेताया था कि या तो ऐड में बदलाव किये जायें या इसका प्रसारण रोक दिया जाये.


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