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जब डेट पर गए Joe Biden के पास रेस्त्रां का बिल चुकाने के पैसे नहीं थे

डोनाल्ड ट्रंप को हराकर जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden birthday) शुक्रवार को 78 साल के हो गए. वे देश के पहले इतने उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे. यहां तक कि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप अपने इस विपक्षी को उम्र के चलते ‘स्लीपी जो’ बताया करते थे. ये एक तरह से मतदाताओं को चेतावनी थी कि उम्रदराज नेता के हाथ में देश सौंपना खतरनाक हो सकता है. इसके बाद भी बाइडन जीते और बड़े अंतर से जीते. जन्मदिन के मौके पर बाइडन की जिंदगी के अनछुए पहलुओं के बारे में जानते हैं.

स्कूल के समय में बाइडन उतने लोकप्रिय नहीं थे. वे डेलावेयर के Archmere Academy स्कूल में पढ़ाई के दौरान क्लास के प्रेसिडेंट यानी कप्तान चुने गए. हालांकि बाद में स्टूडेंट यूनियन ने उन्हें स्टूडेंट यूनियन का प्रेसिडेंट बनने से रोक दिया. उनका तर्क था कि बाइडन में कई दोष हैं, इसलिए उन्हें इतने अहम पद पर नहीं रखा जा सकता.

बाइडन ने खुद कहा था कि वे अपने-आप को एक ट्रांजिशन कैंडिडेट के तौर पर देखते हैं (news18 English via Reuters)

यूनिवर्सिटी की पढ़ाई भी बाइडन ने अपने राज्य डेलावेयर से ही की. कहा जाता है कि स्कूल के दौरान वे काफी हकलाया करते थे. खुद बाइडन के बचपन के दोस्त जिम कैनेडी ने एसोसिएटेड प्रेस को दिए अपने एक इंटरव्यू में ये बात बताई थी. हकलाते हुए बोलने की उनकी ये समस्या इतनी ज्यादा थी कि एक स्कूल टीचर ने उन्हें बी-बी ब्लैकबर्ड बोलते हुए चिढ़ाना शुरू कर दिया था. बाइडन ने हार नहीं मानी. वे हकलाते हुए ही बोलने की प्रैक्टिस करते रहे और तब जाकर रुके, जब दुनिया ने उन्हें शानदार वक्ता मान लिया.जो बाइडन जब नीलिया हंटर से पहली बार मिले, तब उनके पास कमाई का कोई खास जरिया नहीं था. एक रेस्त्रां में डेट के दौरान बाइडन के पास बिल देने के पैसे भी नहीं थे. तब नीलिया ने ही बिल चुकाया था. बाद में यही प्रेमिका जो बाइडन की पत्नी बनीं. हालांकि साल 1972 में नीलिया और उनकी एक साल की बेटी नाओमी एक कार एक्सिडेंट में मारे गए. तब बाइडन काफी टूट गए थे. उबरने के बाद घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वे हर समय खुदकुशी के बारे में सोचा करते थे.

नीलिया जो की केवल प्रेमिका और पत्नी नहीं, बल्कि उनके सपनों की साझेदार थीं. जो हमेशा से राजनेता बनने के सपने देखा करते और नीलिया से इस बारे में बात करते थे. उन्होंने नीलिया को एक सॉफ्ट टॉय तोहफे में दिया था और खुद ही उसका नामकरण भी कर दिया था- सीनेटर. बता दें कि अमेरिका में संसद सदस्यों को सीनेटर कहते हैं.

वकील के तौर पर डो बाइडन का पहला केस एक ऐसे मछुआरे को बचाना था, जिसपर एक खास नस्ल की गाय चुराने का आरोप था. Holstein नस्ल की ये गाय काफी दुधारू होती है और इसकी कीमत भी काफी होती है. मछुआरे पर ऐसी ही एक गाय चुराने का आरोप लगा, जिसकी पैरवी बाइडन ने की थी.

जो कभी अपनी हॉबी पर बात नहीं करते लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अगर मेरे पास एक अलग करियर या अलग प्रतिभा होती तो मैं वास्तुविद बनता. बाइडन को फुटबॉल और सॉकर खेलने का भी बड़ा शौक है. उनके कई दोस्त कह चुके हैं कि खेल में गिरकर और खूनाखून होकर भी खेलते शौकीन कम ही मिलते हैं.

बाइडन ने एक किताब लिखी है- Promises to Keep. इसमें उनके जीवन के हर उतार-चढ़ाव का जिक्र है. वे लिखते हैं कि अपनी आइरिश मां से उन्हें मुश्किल से लेकर नाजुक काम करना तक आया. वहीं पिता को रोज सुबह बिना छुट्टी लिए ऐसे काम पर जाते देखा, जो उन्हें कतई पसंद नहीं था. वे मानते हैं कि पिता को रोज उठना और चल पड़ना ही उन्हें लगातार उठने के लिए प्रेरित करता रहा.


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