Advertisement
Categories: मनोरंजन

गोविंदा के भांजे विनय आनंद को आज भी खलती है इस बात की कमी

नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा (Govinda) आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं. गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर, साल 1963 को मुंबई में हुआ था. गोविंदा के जन्मदिन पर आज उनके भांजे विनय आनंद (Vinay Anand) ने News18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की. विनय ने बताया कि वो आज शाम गोविंदा से मिलने उनके घर जाएंगे और उन्हें बर्थडे विश करेंगे. उन्होंने बताया कि उनके और गोविंदा के बीच पारिवारिक रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन उन्हें एक बात कमी उन्हें आज भी खलती है.

गोविंदा और कृष्णा के बीच मनमुटाव पर कही ये बातें
गोविंदा और कृष्णा अभिषेक के बीच की लड़ाई पर उन्होंने कहा, ‘रिश्तों में क्या होता है, देखिए जब आप कुछ काम करना चाहते हैं और जब वह नहीं होते, तो रिश्ते खराब हो जाते हैं. वैसे मनमुटाव अंदर मेरे भी होते हैं, लेकिन आदमी को अपने परिवारिक रिश्ते और प्रोफेशनल रिलेशनशिप को अलग रखना चाहिए, क्योंकि क्या होता है जब आप एक ही क्षेत्र में काम करते हैं तो सबके विचार सबसे मिले… ऐसा हो नहीं सकता और कभी-कभी समय ऐसा आता है कि पति-पत्नी के भी विचार नहीं मिलते और तलाक हो जाता है. विचार मिलना या न मिलना ये समय-समय की बात होती है, जो मिच्योर लोग होते हैं उनका यह फर्ज होता है कि वह अपने बड़ों के बारे में कुछ गलत न बोलें और मैं भी ऐसा ही हूं. मैं भी ध्यान देता हूं कि मुझे कभी अपने से बड़ो को गलत नहीं बोलना है.’

गोविंदा को बताया अपना टीचरउन्होंने कहा, ‘गोविंदा जी मेरे टीचर रहे हैं. ‘आमदनी अट्ठनी खर्चा रुपैया’, ‘दिल ने फिर याद किया’ और ‘जहां जाइएगा हमें पाइएगा’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में हम लोगों ने साथ काम किया है. इसलिए गोविंदा जी के साथ मेरा जो रिलेशन रहा है, वो काफी क्लोज रहा है. तो मैं यही सोचता हूं कि किसी भी चीजों की वजह से रिश्तों पर इल्जाम लगाना सही नहीं है.’

नेपोटिज्म पर दिया ऐसा बयान
विनय ने नेपोटिज्म जैसे मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ये सब ग्रुपिज्म की बात हो जाती है और वह कभी भी किसी ग्रुप में नहीं रहे, तो शायद इसलिए उनके विचार दूसरों से नहीं मिल पाए और इस वजह से उन्हें ऑफर भी वैसा नहीं मिल पाया जैसा उन्होंने सोचा था. खैर, विनय ने बॉलीवुड से हटकर भोजपुरी फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जहां उन्हें उनके नाम से लोग पहचानते हैं. विनय ने भोजपुरी में अब तक लगभग 60 से 70 फिल्मों में काम किया है. भोजपुरी फिल्म जगत में विनय एक मशहूर अभिनेता के रूप में जाते जाते हैं.

विनय को है इस बात का मलाल
विनय ने बताया, ‘गोविंदा का नाम इतना बड़ा है कि उनकी छाया से बाहर निकलने की बात नहीं थी, ये नाम इतना बड़ा और प्यारा नाम है कि लोग पहले उनका नाम लेंगे ही लेंगे और उसमें कोई बुराई नहीं है. आप एक ऐसे बड़े इंसान के भांजे हो, तो अगर उनका नाम आपके साथ जुड़ेगा तो इसमें कोई बुराई नहीं है. जब मैं भी डांस करता था, तो लोग बोलते थे कि गोविंदा की तरह डांस करता है. मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहा कि मैंने गोविंदा जी के साथ 2-3 फिल्में कर ली, तो उनके पास बाद में मैं कुछ और फिल्में लेकर गया था, तो कोई न कोई वजह से उन्होंने मना कर दिया. इसमें हो सकता है उनको स्टोरी पसंद नहीं आई होगी, या उन्हें कुछ चीजें सही नहीं लगी होगी या उन्हें कुछ नाम पसंद नहीं आया होगा. तो एक अभिनेता के तौर पर ये उनका पर्सनल च्वाइस होगा, इसके लिए मैं उन पर इल्जाम नहीं लगा सकता, लेकिन मुझे ऐसा लगने लगा था कि 3-4 बार उनके पास फिल्में लेकर गया हूं, मैं चाहता था कि साथ में हम कुछ और फिल्में कर लें, जो हो नहीं पाया और फिर उनसे मेरा प्रोफेशनल इंटरेस्ट उठ गया, लेकिन इसके बावजूद मेरे रिस्पेक्ट में उनके लिए कहीं भी कमी नहीं आई. मैं आज भी उनका पूरा सम्मान करता हूं.’


Source link

Leave a Comment
Advertisement

This website uses cookies.