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क्या बाइडन भी ट्रंप की तरह केवल एक टर्म के राष्ट्रपति साबित होने जा रहे हैं?

कोरोना संक्रमण के दौरान हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को हराकर जो बाइडन (Joe Biden) अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. आज यानी शुक्रवार को वे अपना 78वां जन्मदिन मनाएंगे. इसके साथ ही वे अमेरिका के पहले राष्ट्रपति होंगे, जिसकी उम्र इतनी ज्यादा है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले चुनाव में उनके दोबारा आने की संभावना कम ही होगी.

अमेरिका में पहला राष्ट्रपति चुनाव बीतते ही दूसरे चुनाव की चर्चाएं शुरू हो गईं. अगला इलेक्शन वहां साल 2024 में होगा. तब अगर बाइडन दोबारा मैदान में उतरे और जीत भी गए तो सेकंड टर्म के अंत तक वे 86 साल के हो जाएंगे. ये उम्र अमेरिका के इतिहास में किसी भी नेता की नहीं रही. इस उम्र के कारण ही अटकलें लग रही हैं कि बाइडन दोबारा तो नहीं ही आएंगे. यहां तक कि इस टर्म से पहले चुनावी कैंपेन के दौरान भी बाइडन अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में साफ-साफ बात करते नहीं दिखे.

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अप्रैल में फंड जमा करने वाले एक कार्यक्रम के दौरान बाइडन ने खुद कहा था कि वे अपने-आप को एक ट्रांजिशन कैंडिडेट के तौर पर देखते हैं. यानी वैसे उम्मीदवार के तौर पर, जो पहले वाले राष्ट्रपति से सत्ता लेकर किसी और के हाथ में सौंप दे. बाइडन के इस बयान के बाद माहौल गरमा गया था और काफी बातें उठने लगीं. हालांकि उसके बाद दोबारा उन्होंने ये बयान नहीं दिया. बल्कि अगस्त में एबीसी न्यूज चैनल के पूछने पर कि क्या वे अगले 8 सालों के लिए रहने की सोच रहे हैं, उन्होंने हां में जवाब दिया था.

बाइडन अमेरिका की राजनीति में लगभग 50 साल पुराने हैं (Photo-goodfreephotos)

इसके बाद भी अप्रैल वाले बयान ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. रह-रहकर ये बात उठ रही है कि क्या बाइडन के डेमोक्रेट्स की ओर से आने का मतलब केवल इतना ही था कि ट्रंप का दौर खत्म किया जा सके. माना जा रहा है कि बाइडन इस चार सालों तक सत्ता में रहते हुए डेमोक्रेट्स के युवा उम्मीदवारों के लिए वाइट हाउस का रास्ता आसान करेंगे.

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बता दें कि बाइडन अमेरिका की राजनीति में लगभग 50 साल पुराने हैं. साल 1972 में वे पहली बार सीनेट के लिए चुने गए थे. इसके बाद से वे सक्रिय राजनीति में रहे. ऐसे में हो सकता है कि वे राजनीति छोड़ दें और ये टर्म बतौर राष्ट्रपति उनका पहला और आखिरी टर्म है. कम से कम ट्रांजिशन कैंडिडेट सुनकर तो यही लगता है. वहीं ये भी हो सकता है कि बाइडन ने ये शब्द सामान्य तौर पर कह दिया हो और राजनीति छोड़ने का उनका कोई इरादा न हो.

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बाइडन की बहन वेलेरी, जो आमतौर पर भाई के लिए चुनाव प्रचार के दौरान काफी सक्रिय होते हुए भी लो-प्रोफाइल रही हैं, वे मानती हैं कि बाइडन दोबारा भी राष्ट्रपति पद की दावेदारी करेंगे. न्यूज 18 अंग्रेजी ने वेलेरी का बयान HBO मीडिया के हवाले से दिया है. वे कहती हैं कि ट्रांजिशन कैंडिडेट से बाइडन का मतलब ये रहा होगा कि वे सारे युवा नेतृत्व को साथ लाएंगे और पक्का करेंगे कि हम बंटा हुए देश न होकर एक हो सकें.

अमेरिकी इतिहास में ऐसा कम ही हुआ है कि एक बार चुने जाने के बाद राष्ट्रपति दूसरे टर्म में न चुने जाएं- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

वैसे अमेरिकी इतिहास में ऐसा कम ही हुआ है कि एक बार चुने जाने के बाद राष्ट्रपति दूसरे टर्म में न चुने जाएं. देश के 11वें राष्ट्रपति जेम्स पोल्क ने चार साल ही सेवाएं दी थीं और शुरुआत से ही इस बात को साफ रखा था कि वे दूसरे टर्म के लिए दावेदारी नहीं करेंगे. उन्होंने यही किया भी. लेकिन बाद के हालात बदलते चले गए. अब दूसरे टर्म में राष्ट्रपति खुद को ज्यादा मजबूत पाते हैं और इसी दौरान वे नई पॉलिसी पर भी काम करते हैं, जो कि पहले टर्म के दौरान उतना आसान नहीं होता है.

हालांकि बाइडन के लिए उनकी बढ़ती उम्र भी एक वजह होगी, जो उन्हें एक बार का राष्ट्रपति साबित कर सकती है. खुद साल 2028 में बाइडन ने माना था कि इसी बार के दौरान उनके आने में उनकी उम्र रुकावट डाल सकती है. यहां तक कि बाइडन ने कहा था कि लोग अगर उन्हें राष्ट्रपति पद के लिहाज से बूढ़ा कहें तो ये वैध बात होगी. लेकिन साथ ही साथ वे यह भी जोड़ते हैं कि हां, क्रोनोलॉजिकली मैं उम्रदराज हो चुका हूं. जिसका मतलब ये भी है कि वे बौद्धिक तौर पर या ऊर्जा में किसी युवा से कम नहीं.


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