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किसानों को देश के हर कोने उत्पाद बेचने की छूट मिलने से ‘बेचैन’ है कांग्रेस: स्मृति ईरानी

ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि किसानों को उनके उत्पाद की कीमत सीधे खाते में देने के लिए उसने दशकों में कोई उपाय नहीं किया (File Photo)

चंडीगढ़. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Cabinet Minister Smriti Irani) ने कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध करने को लेकर गुरुवार को कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधा और कहा कि किसानों (Farmers) को अपना उत्पाद देश के हर कोने में बेचने का अधिकार मिलने से विपक्षी दल में ‘‘बेचैनी’’ छा गयी है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि किसानों को उनके उत्पाद की कीमत सीधे खाते में देने के लिए उसने दशकों में कोई उपाय नहीं किया.

भटिंडा (Bhatinda) के मीडिया कर्मियों के साथ ऑनलाइन प्रेस वार्ता के दौरान ईरानी ने दावा किया कि केन्द्र सरकार (Central Government) किसानों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले पांच साल में उसने गेंहू उत्पादकों को रिकॉर्ड न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) का भुगतान किया है. उन्होंने दावा किया, ‘‘विधेयक में जब यह बात कही गयी कि किसानों को उनके उत्पाद की कीमत तीन दिन के भीतर देनी होगी तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया था.’’

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ईरानी ने कहा, ‘‘विधयेक में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों की जमीन को बेचा या गिरवी नहीं रखा जा सकेगा, इसपर कांग्रेस परेशान हो गयी.’’हरियाणा (Haryana) में विवादित भूमि सौदे (Disputed Land Deal) का परोक्ष संदर्भ देते हुए ईरानी ने कहा कि वो पार्टी जिसके ‘‘राष्ट्रीय दामाद’’ ने कथित रूप से किसानों से उनकी जमीन लूट ली. वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के दामाद रॉबर्ट वाद्रा (Robert Vadra) की कथित संलिप्तता वाले भूमि सौदे का जिक्र कर रही थीं.

किसानों ने कहा जारी रखेंगे प्रदर्शन
वहीं पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों ने गुरुवार को कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ वह अपना प्रदर्शन तेज कर रहे हैं और वह भाजपा नेताओं को नये कानूनों के तथाकथित लाभ का प्रचार नहीं करने देंगे. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि दिल्ली में किसान नेताओं के अपमान के विरोध में वे लोग 17 अक्टूबर को पूरे राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पतले फूंकेंगे.

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कृषि कानूनों के संबंध में केन्द्रीय कृषि सचिव के साथ बैठक के लिए बुधवार को दिल्ली पहुंचे किसान नेताओं ने जब बैठक में किसी केन्द्रीय मंत्री को नहीं देखा तो उठकर बाहर चले गए. किसानों ने यह भी कहा कि वे अपना रेल-रोको आंदोलन भी नरम नहीं करेंगे. क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल ने कहा, ‘‘हम अपना आंदोलन तेज करेंगे.’’

भारतीय किसान यूनियन (दाकुंडा) के प्रमुख बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.’’


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