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कांग्रेस ने केरल में किया जमात से गठबंधन, सीपीएम ने लगाए गंभीर आरोप

केरल ने कांग्रेस में जमात से किया गठबंधन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala) में सत्तारुढ़ दल लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) नीत सरकार में सीपीएम  (CPM) ने जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन पर कांग्रेस की आलोचना की है. सीपीएम ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए जमात से गठबंधन कर के धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों पर टिके रहने के दावे को हवा करार दिया.

CPM के पोलित ब्यूरो के सदस्य और स्टेट सेक्रेटरी कोडियेरी बालाकृष्णन ने कहा कि इंडियन यूनियम मुस्लिम लीग पहले तो जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ था लेकिन अब उन्हें सााथ काम करने में कोई परेशन नहीं है. कांग्रेस ने वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के साथ जाने का निर्णय किया है जिसके परिणाम बुरे हो सकते हैं.

सीपीएम नेता ने कहा कि जैसे आरएसएस का लक्ष्य हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना है, उसी तरह से जमात-ए-इस्लामी देश को इस्लामिक देश बनाना चाहती है. दोनों एक ही तरह के हैं. बता दें शुक्रवार को ही कांग्रेस नीत UDF गठबंधन ने केरल में नगर पालिका इलेक्शन के लिए जमात-ए-इस्लामी के एक वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया से गठबंधन किया है.

नाराज वोटर्स को अपने पक्ष में करना चाहती है CPMबालाकृष्णन ने दावा किया कि जमात ने हागिया सोफिया संग्रहालय को मस्जिद में बदल दिए जाने का समर्थन किया था. पहले UDF की लीडरशिप ओमान चांडी, पीके कुनहालीकुट्टी और मणि सरीखे नेता करते थे. लेकिन अब तो यह एमएम हसन और जमानत के नेता आमिर जैसे लोगों के हाथ में चला गया है.

केरल के अल्पसंख्यक मुस्लिम और ईसाई मतदाता कांग्रेस के ही समर्थक रहे हैं लेकिन LDF में जोश मणि के आने के साथ ही सीपीएम अब इन वोट्स में सेंध लगाना चाहती है. केरल के ईसाई संगठन हागिया सोफिया के मामसे पर IUML के रुख से नाराज हैं. सीपीएम नेता इसी नाराजगी को भुना कर निकाय चुनाव में जीत का रास्ता तय करना चाहती है.


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