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कहीं ट्रैवल किए बिना भी ले सकेंगे LTC कैश वाउचर स्कीम का लाभ, सरल भाषा में समझें इसके नियम | business – News in Hindi

एलटीसी कैश वाउचर स्कीम

नई दिल्ली. एलटीसी कैश वाउचर स्कीम (LTC Cash Voucher Scheme) के ऐलान के बाद आप भी इस बात की चिंता कर रहें होंगे कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में घूमना मुश्किल है. ऐसे में आपको इस स्कीम का लाभ नहीं मिल सकेगा. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो अब चिंता न करें. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने एक स्पष्टीकरण में कहा है कि इस स्कीम के माध्यम से कर्मचारियों को विकल्प मिल रहा है कि वो ट्रैवल के अलावा भी कहीं खर्च कर सकें. खपत और मांग को बढ़ाने के लिए बीते सोमवार को वित्त मंत्रालय ने एलटीसी कैश वाउचर स्कीम का ऐलान किया था. केंद्र सरकार व सरकारी कंपनियों व बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों को इस स्कीम का लाभ मिल सकेगा.

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मिला नया विकल्प
इस स्कीम के तहत केंद्रीय कर्मचारी (Central Govt. Employees) चार साल के अंतराल में दो बार अपने होमटाउन या अन्य जगह पर घूमने जा सकते हैं. इसके लिए ये कर्मचारी एलटीसी और 10 दिन की छुट्टी के ​लिए भुगतान (Leave Encashment) के योग्य होंगे. टिकट खर्च पर कर्मचारियों को टैक्स नहीं देना होगा, जबकि छुट्टी की भुगतान टैक्स देय होगा. चूंकि, कोरोना वायरस महामारी के बीच ट्रैवल को लेकर लोगों में अभी भी संकोच की स्थिति है. ऐसे में सरकार ने इन कर्मचारियों को इस स्कीम का लाभ लेने के लिए एक खास विकल्प दिया है. कर्मचारी एलटीसी किराये और लीव इनकैशमेंट के बराबर कैश प्राप्त करने के हकदार होंगे. हालांकि, इसके लिए सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी हैं.

वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?वित्त मंत्रालय ने विस्तृत तरीके से इस बारे में लिखा है, ‘कॉरपोरेट सेक्टर में लीव ट्रैवल अलाउंस की तुलना में सरकार की एलटीसी ​अलग है. एलटीसी क्लेम करने वाले व्यक्ति को तभी योग्य माना जाएगा, जब वो वाकई में ट्रैवल करेगा. अगर वो ट्रैवल नहीं करते हैं तो यह रकम उनके पेमेंट से काट ली जाएगी और उन पर अनुशास्नात्मक कार्रवाई की जा सकती है. उनके पास यह विकल्प नहीं होता है कि वो इस रकम को रख लें और इस पर देय इनकम टैक्स का भुगतान करें.’

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इसके पहले मिलते थे केवल दो विकल्प
सरकार के सिस्टम के तहत, कर्मचारियों के पास पहले दो विकल्प हुआ करते थे. पहला तो यह कि वो ट्रैवल करें और खर्च करें. इसमें होटल, खाने आदि का खर्च शामिल होता था. उनके पास दूसरा विकल्प होता था कि तय तारीख के अंदर क्लेम नहीं करने पर उन्हें इस स्कीम का लाभ नहीं मिल सकेगा. लेकिन, अब इन कर्मचारियों को एक तीसरा विकल्प दे दिया गया है. वो ये कि कर्मचारी इस रकम को ट्रैवल के अलावा भी कोई अन्य खर्च के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. कोविड-19 महामारी के मौजूदा दौर में, ट्रैवल के दौरान संक्रमण के जोखिम को देखते हुए सरकार ने इस विकल्प की पेशकश की है.

सरकारी कर्मचारियों के बचत पर लॉकडाउन का कम असर
मंत्रालय ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के बावजूद भी सरकारी कर्मचारियों के बचत पर बेहद कम असर पड़ा है. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कोई कटौती नहीं हुई है. ऐसे में सरकारी कर्मचारी इस​ स्थिति में हैं कि वो खर्च कर सकें, जिससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़े. उनके पास अपनी पसंद और जरूरत की वस्तु या सेवा पर खर्च करने के लिए एलटीसी स्कीम का लाभ लेने का विकल्प होगा.

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एलटीसी कैश वाउचर स्कीम का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को इन शर्तों को पूरा करना होगा.

कर्मचारी को एलटीसी की रकम से तीन गुना ज्यादा रकम किसी वस्तु या सेवा पर खर्च करना होगा. गैर-खाद्य वस्तु खरीदने के लिए उन्हें लीव इनकैशमें जितनी ही रकम खर्च करनी होगी.

यह खर्च किसी ऐसी वस्तु पर की जा सकेगी, जिसपर 12 फीसदी या इससे ज्यादा की जीएसटी देय होगी. इस भुगतान जीएसटी रजिस्टर्ड दुकानदार से ही डिजिटल माध्यम से करनी होगी.

कर्मचारियों को क्लेम के समय पर खरीद की रसीद दिखनी होगी. इस पर वेंडर की जीएसटी नंबर और जीएसटी भुगतान की रकम होना अनिवार्य है.

वस्तु/सेवा पर यह खर्च 31 मार्च 2021 से पहले करना अनिवार्य है.


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