Advertisement
Categories: देश

एमएसपी विवाद के बीच देश में 35 प्रतिशत बढ़ी धान की खरीद, पंजाब नंबर वन | business – News in Hindi

धान की खरीद में नंबर वन है पंजाब

नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार लगातार किसानों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह मसला अब राजनीतिक रंग ले चुका है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से एमएसपी पर खरीद का नया आंकड़ा जारी किया गया है. इसके तहत 11 अक्टूबर तक देश में धान की खरीद (Procurement of Paddy) पिछले वर्ष के 31.7 लाख मिट्रिक टन (LMT) के मुकाबले 35 प्रतिशत बढ़कर 42.5 एलएमटी हो गई है.

पिछले पांच वर्षों में 3,069 एलएमटी धान की खरीद 4,95,043 करोड़ रुपये के समर्थन मूल्य पर की गई जबकि 2009-14 के दौरान 1,768 एलएमटी धान की खरीद मात्र 2,06,059 करोड़ रुपये के समर्थन मूल्य पर की गई थी. एमएसपी की कीमत में 2.40 गुना की वृद्धि देखी जा सकती है. इसी तरह पिछले पांच वर्ष में 2,97,023 करोड़ रुपये के समर्थन मूल्य पर 1,627 एलएमटी गेहूं की खरीद की गई जबकि 2009-14 के दौरान 1,68,202 रुपये के समर्थन मूल्य पर 1,395 एलएमटी गेहूं की खरीद की गई थी. यहां भी एमएसपी की कीमत में 1.77 गुना की वृद्धि देखी जी सकती है.

एमएसपी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है

इसे भी पढ़ें: जहां MSP पर ज्यादा हुई खरीद वहां किसानों की आय सबसे अच्छीकेंद्र सरकार ने कहा है कि पंजाब (Punjab) में कुछ लोग यह झूठ और ग़लत प्रचार फैला कर किसानों को सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं कि नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं. जबकि वे यह जानते हैं कि इन कानूनों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें इनका लाभ मिलेगा.

एमएसपी था और बरकरार रहेगा. मौजूदा धान की फसल एमएसपी पर ही खरीदी जा रही है. सरकारी एजेंसियों ने इस सत्र में रिकार्ड खरीद की है. इसी तरह इस सत्र में गेहूं की भी खरीद की जाएगी और किसी भी किसान को कोई परेशानी पेश नहीं आएगी.

इसे भी पढ़ें: PMFBY को लेकर कई राज्य उठाने वाले हैं बड़ा कदम

मोदी सरकार (Modi Government) का दावा है कि वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई धान की खरीद से लाभान्वित हुए किसानों (Farmers) की संख्या में 72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.


Source link

Leave a Comment
Advertisement

This website uses cookies.