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इंडियन रेलवे जल्द दे सकता है बड़ी खुशखबरी, जल्द मिलेगा 5 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

नई दिल्ली: दिल्ली-वाराणसी (Delhi-Varanasi) और मुम्बई-अहमदाबाद (Mumbai-Ahemdabad) प्रोजेक्ट के बाद अब देशवासियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है. दिल्ली, चंडीगढ़, मुम्बई समेत कई शहरों को हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ा जा सकता है. रेल मंत्रालय (Railway Ministry) इस पर काम कर रहा है. कॉरिडोर बनाए जाने की संभावना को देखते हुए इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है. पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की हरी झंडी मिलते ही मुम्बई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर पर पहले से ही काम चल है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सभी 6 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (Rail Corridor) को पीएम की हरी झंडी मिल जाएगी.

इन 6 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की डीपीआर पर चल रह है काम
रेल मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह इस वक्त 5 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर काम कर रहा है. यहां हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जा सकते हैं या नहीं इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. रेल कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दी गई है. गौरतलब है कि मुम्बई-अहमदाबाद के बीच बन रहे हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को बनाने का काम भी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ही कर रही है.

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>> दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद (886)
>> मुंबई-नासिक-नागपुर (753)
>> मुंबई-पुणे-अहमदाबाद (711)
>> चेन्नई-बैंगलोर-मैसूर (435)
>> दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर (459)

रेल मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि नए रेल कॉरिडोर का बनना इस पर भी निर्भर करता है कि उस जगह पर यात्री मांग, बाजार संभावना सहित अन्य संभावना क्या हैं.

मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर का यह चल रहा है काम
कुछ दिन पहले ही नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड से आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये है. जिसमे से एक साल पहले तक दिसम्बर 2019 तक 6247 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. जबकि यह प्रोजेक्ट साल 2023 तक पूरा होना है. मुम्बई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली यह बुलेट ट्रेन कुल 508 किमी की दूरी को तय करेगी. इस दूरी को तय करने और यात्रियों की सुविधा के लिए 24 ट्रेन चलाई जाएंगी.

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इसके बीच में आने वाले 1.17 लाख पेड़ों को काटा और हटाया जाएगा. 178 पेड़ ऐसे भी होंगे जिन्हें दूसरी जगह से हटाया जाएगा. बुलेट ट्रेन के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 297 गांवों की कुछ ज़मीन ली जाएगी. जिसमे से 281 गांवों के बीच से ज़मीन की नापतौल हो चुकी है. वहीं 715 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण भी हो चुका है.


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